जम्मू। बलात्कार मामलों की सुनवाई के लिए बनी विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बलात्कार आरोपी लियाकत अली को आरोपों से बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश संजीव गुप्ता ने पाया इस मामले में पीड़िता लड़की ने ही अपने बयान बदल दिए, जिसके कारण आरोपी को बरी करने के आदेश दिए गए।
एडवोकेट एआर खान और टीएम खान और पब्लिक प्रोसेक्यूटर की दलीलों पर गौर किया और पाया आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए। पुलिस को भी सबूत व गवाह पेश करने के लिए कहा। कोर्ट ने लड़की से भी बयान लिए। उसने बताया पिछले दो तीन सालों से वह आरोपी को जानती है। एक दिन जब वह अपनी आंटी के साथ जमींदार के घर जा रही थी तो रास्ते में नकाब पहने एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे अगवा करके जंगल में ले गया। उसने और आंटी ने काफी शोर मचाया। कोई भी मौके पर नहीं पहुंच पाया और उससे गलत किया। उसने अब बताया है कि लियाकत उसकी आंटी का बेटा है और नकाब में युवक कोई और था। कोर्ट ने यह भी पाया लड़की के मेडिकल रिपोर्ट में भी पाया गया उसके साथ हाल फिलहाल कोई संबंध नहीं हुए हैं। ऐसा भी कुछ ठोस सबूत नहीं पाया गया। सुनवाई के दौरान लड़की ने जो बयान दिया और आरोपी को आरोप साबित नहीं हो सका है। आरोप साबित नहीं होने के कारण पुलिस केस को रद कर दिया और सभी आरोपों से बरी कर दिया। जेएनएफ