जम्मू। युवा इस समय असमंजस में हैं। एक तरफ प्रेम के उत्सव वेलेंटाइन वीक को शुरू होने में महीने का समय बचा हुआ है तो दूसरी ओर दामिनी ने लोगों खासकर युवाओं की आत्मा को झिंझोड़ कर रख दिया है। बहुत मुमकिन है कि इस साल वेलेंटाइन डे पर दामिनी की लहर भारी हो। वहीं, इस मसले पर युवाओं ने मिलीजुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कुछ का कहना है कि वेलेंटाइन डे को नहीं मनाने से ऐसे हादसों पर रोक नहीं लग पाएगी, जबकि कुछ का कहना है कि इस हादसे के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए ऐसे आयोजनों से इस साल दूरी बनाई रखनी चाहिए।
जम्मू विश्वविद्यालय से एलएलबी कर रही सुखराज कौर का कहना था कि जो कुछ दिल्ली में हुआ, उसको लेकर युवाओं को वेलेंटाइन डे नहीं मनाना चाहिए। यह समय मंथन का समय है लेकिन एलएलबी की ही अन्य छात्रा वैशाली ने कहा, वेलेंटाइन डे नहीं मनाने से दामिनी या अन्य पीड़ितों को श्रद्धांजलि नहीं होगी। वेलेंटाइन डे जैसे दिन को महत्व या प्रमुखता देने के बजाय हमें यह सोचना चाहिए कि इस तरह के हादसे न हाें और जो हो रहे हैं, उनकी रोकथाम के लिए हमें और प्रशासन को कुछ करना चाहिए। जम्मू विश्वविद्यालय से स्टैटिक्स में पीजी कर रहे राजा संबयाल ने कहा, वह वेलेंटाइन डे को सेलिब्रेट करेंगे। संबयाल ने कहा, वह 21वीं सदी में रह रहे हैं और हमारा समाज उन्नति से भरा हुआ है। दिल्ली गैंगरेप मामला वेलेंटाइन की वजह से नहीं हुआ था और इस तरह की नेगेटिवटी को वेलेंटाइन डे के साथ नहीं जोड़ना चाहिए। एमफिल कर रहे सुखदेव सिंह ने कहा, दामिनी हादसे से पूरा देश शोक में डूबा हुआ और उनके मुताबिक युवाओं को इस हादसे में अपनी संवेदना प्रकट करते हुए इस साल वेलेंटाइन डे को नहीं मनाना चाहिए।