जम्मू। ऐसा पहली बार हुआ। चयन प्रक्रिया पर अपनी शिकायतों और गुस्से के चलते कश्मीर खित्ते के खिलाड़ियों ने रणजी मैच का बहिष्कार कर दिया। ये टीम चुने जाने के तरीके से संतुष्ट नहीं थे। लिहाजा जीजीएम साइंस कालेज के हास्टल ग्राउंड पर रणजी ट्राफी सी के मैच म्रें आंध्र प्रदेश का मुकाबला करने के लिए जम्मू-कश्मीर की टीम केवल जम्मू संभाग के खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरी। बहिष्कार करने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी या नहीं इस बारे मेें जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन का कोई भी पदाधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। चैयरमेन असलम गोनी ने गेंद एसोसिएशन के प्रधान डा. फारूक अब्दुल्ला के पाले में डाल दी है। बहरहाल मैदान पर मैच और मैदान के बाहर विवाद जारी है। मैच के दौरान टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और रियासत की टीम के मौजूदा कोच बिशन सिंह बेदी लगातार मैदान पर रहकर टीम का हौसला बढ़ाते रहे।
टीम की चयन प्रक्रिया से नाखुश कश्मीर के 18 खिलाड़ी तीन दिन तक जम्मू के एक निजी होटल में रहे। अमर उजाला ने तीन दिन पहले ही यह खबर छाप दी थी कि ये खिलाड़ी मैदान में उतरने के मूड में नहीं हैं। इन्होंने प्रैक्टिस में भी हिस्सा नहीं लिया। इन खिलाड़ियों ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के प्रधान एवं केंद्रीय मंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला को फैक्स करके अपना विरोध जताया। कश्मीर से पूर्व कप्तान समीर उल्ला बेग और खिलाड़ी माजिद डार का कहना है कि जेकेसीए के किसी भी पदाधिकारी ने उनकी नहीं सुनी और न ही तीन दिनों में कोई संपर्क किया।
राज्य के क्रिकेट इतिहास में पहली बार रणजी में पूरी टीम जम्मू संभाग से होने के कारण टीम में कई नए चेहरे दिखे। रणजी में खेलने का इंतजार कर रहे कई युवा खिलाड़ियों का सपना पूरा हुआ। इनमें अधिकांश खिलाड़ी रणजी से सफर को आगे बढ़ाते हुए टीम इंडिया में पहुंचना चाहते हैं। रणजी टीम में पहली बार शिरकत कर रहे मीडियम पेसर साहिल शर्मा ने कहा कि जम्मू संभाग में भी टैलेंट की कोई कमी नहीं है। इसी तरह अंडर 19, 22, वन डे रणजी और ट्वंटी-20 में जलवे दिखा चुके आफ स्पिनर अनूप कहते हैं कि चार दिवसीय रणजी मुकाबले में खेलना उनका बड़ा सपना था जो आज पूरा हुआ है। टीम में कई बेहतर खिलाड़ी है, जिससे भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। पहली बार रणजी टीम की कप्तानी संभाल रहे जम्मू के आयन देव सिंह ने कहा कि क्रिकेट बेहतर होना चाहिए और इसमें अनुशासन का खास ध्यान रखा जाए। जूनियर लड़कों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जिसके आधार पर ही उन्हें टीम में जगह मिली है। इसके अलावा स्टैंड बाई में भी नए चेहरों में गोकुल बड्डूु और रवि पंडिता शामिल हैं।
रणजी मुकाबले से पहले दो दिन तक अभ्यास के लिए मैदान पर श्रीनगर के खिलाड़ियों के न उतरने से शनिवार को आंध्र प्रदेश के साथ जेकेसीए के वाकओवर के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन रणजी टीम में सभी जम्मू संभाग के खिलाड़ियों को मैदान में उतारने के साथ ही इस पर विराम लग गया।