जम्मू। शनिवार को जम्मू कश्मीर और आंध्र प्रदेश के बीच होने वाले रणजी मैच में कश्मीर खित्ते के खिलाड़ी बहिष्कार कर सकते हैं, ऐसी संभावना है। वीरवार को कश्मीर खित्ते के खिलाड़ी मैदान से पूरा दिन नदारद रहे। कश्मीर संभाग के खिलाड़ियों के मैदान में नहीं पहुंचने के बाद वाक ओवर जैसी अटकलों ने जोर पकड़ा। विवेक होटल में ठहरे कश्मीर खित्ते के खिलाड़ी किसी भी मुद्दे पर बात करने को राजी नहीं हुए। उनके तेवरों को देख कर ऐसा लगता है कि वे शायद ही शनिवार को शुरू होने वाले मैच में खेलें।
वीरवार को जम्मू खित्ते के खिलाड़ियों ने साइंस कालेज के हास्टल मैदान में जम कर अभ्यास किया। शाम को टीम के कोच बिशन सिंह बेदी भी शाम को पहुंचे हुए थे, लेकिन कश्मीर खित्ते के खिलाड़ी नहीं पहुंचे हुए थे। सूत्रों के अनुसार सारा मामला चयन प्रक्रिया के बाद उठा और कश्मीर खित्ते के खिलाड़ी चयन प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं थे। देर शाम को होटल विवेक पहुंच कर कश्मीर खित्ते के खिलाड़ियों से बात करना चाही, लेकिन खिलाड़ियों ने किसी न किसी बहाने से बात करने से इंकार कर दिया।
वहीं, जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के जम्मू संभाग के वाइस चेयरमैन शंभू नाथ का कहना है कि वाक ओवर करने जैसी कोई बात नहीं है। अभी एक दिन पूरा पड़ा हुआ है। अगर खिलाड़ियों की कोई समस्या है तो उसको दूर किया जाएगा। हालांकि उन्हाेंने भी यह माना कि वीरवार को कश्मीर खित्ते के खिलाड़ी अभ्यास करने नहीं पहुंचे थे। वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कश्मीर खित्ते के खिलाड़ियों ने जेकेसीए के अध्यक्ष को ज्ञापन भी दिया है जिसमें उन्होंने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में साफ कहा गया है कश्मीर के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनको निशाना बनाया गया है। कश्मीरी खिलाड़ियाें के साथ जो षड्यंत्र किया गया है वह कुछ अधिकारियाें की सोजी समझी साजिश है। यही कारण है कि रणजी के कश्मीर खित्ते के संभावित 18 खिलाड़ी प्रतियोगिता से अपने आप को दूर रखेंगे और अध्यक्ष से अपील की गई कि वह मामले में हस्तक्षेप कर उचित कदम उठाएं।