जम्मू। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की मनमर्जी और गैर हाजिरी पर लगाम लगाने और परीक्षा परिणाम में सुधार लाने के लिए स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से अहम कदम उठाए गए हैं। इसके तहत हायर सेकेंडरी स्कूल अपने क्षेत्राधिकार के मिडिल स्कूलों को अपनाएंगे और मिडिल स्कूल प्राइमरी स्कूलों में हो रही पढ़ाई पर नजर रखेंगे और इसकी पूरी रिपोर्ट पंद्रह दिनों के बाद शिक्षा निदेशक को दी जाएगी।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जम्मू डिवीजन में करीब 15000 गवर्नमेंट स्कूल काम कर रहे हैं। इनमें हजारों स्कूल दूरदराज के इलाकों में हैं और वहां पर स्कूलों के कामकाज पर नजर रखना विभागीय अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर है। इसका हल निकालने के लिए स्कूली शिक्षा निदेशालय जम्मू ने हायर सेकेंडरी स्कूलों को 300 कलस्टर में बांटते हुए इनके अंतर्गत आने वाले मिडिल स्कूलों को इनके सुपुर्द कर दिया है। ऐसे ही मिडिल स्कूल अपने क्षेत्राधिकार के प्राइमरी स्कूलों को अपनाएंगे। परीक्षा परिणाम में सुधार लाने के साथ-साथ बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए स्कूली शिक्षा विभाग की इस कोशिश में डिस्ट्रिक इंस्टीट्यूट आफ एजूकेशन ट्रेनिंग (डाइट) भी कई स्कूलों को अपनाएगा और पढ़ाई के तरीके में सुधार लाते हुए बेहतर परिणाम लाने की कोशिश की जाएगी।