जम्मू। चार दिन के भीतर एसएमजीएस अस्पताल में नवजात चोरी होने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। बुधवार को घटी घटना में नवजात चुराने वाली अज्ञात महिलाएं वार्ड चार की कई बार रैकी करती रहीं, लेकिन किसी भी सुरक्षाकर्मी ने ऐसी महिलाओं के बारे में जानने की कोशिश नहीं की। अस्पताल में निजी सुरक्षा के अलावा लेबर रूम सहित अन्य यूनिटों में संबंधित पुलिस चौकी के जवान भी तैनात रहते हैं। ऐसे संदिग्धों पर नजर रखने के लिए प्रमुख यूनिटों के अलावा अस्पताल के भीतर और बाहर कई जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, मगर इस सारी व्यवस्था के बावजूद अस्पताल से नवजात चोरी होना कई सवाल खड़े करता है।
वार्ड चार में अपने मरीज के साथ आए कटड़ा निवासी बलवीर सिंह सहित अन्य तीमारदारों ने बताया कि वार्ड में सुबह से ही श्रमिक वर्ग की चार महिलाएं कारीडोर में जमीन पर बैठी थीं। इनमें दो महिलाएं वार्ड के भीतर घंटों तक रैकी करती रहीं, लेकिन किसी भी स्टाफ कर्मी या अन्य सुरक्षाकर्मी की इन महिलाओं पर नजर नहीं पड़ी।
तीमारदारों के अनुसार उक्त महिलाओं के साथ कोई भी मरीज नहीं था। नवजात की चोरी की घटना को सोच समझकर अंजाम दिया गया। बलवीर के अनुसार नवजात को बेड से उठाने पर
उक्त महिला ने बच्चे पर चुनरी ओड़ ली थी, ताकि किसी को शक न पड़े। यही नहीं सीसीटीवी की फुटेज में भी बड़ी ही चालाकी से नवजात को बाहर तक ले जाया गया है, जिसमें महिला ने मुंह को ओड़ रखा था। अस्पताल के लगभग हर वार्ड के बाहर एक सुरक्षाकर्मी तैनात रहता है। सुबह डाक्टरों का राउंड होने के कारण ज्यादा एहतियात बरती जाती है। ऐसा भी बताया जा रहा था कि कारीडोर में रात से ही एक श्रमिक वर्ग की महिला मरीज आई थी, जिसके साथ ही शायद उक्त महिलाएं भीतर आई हों।