फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उमर बोले: भाजपा और उसकी टीमों को दूर रखने के लिए पीएजीडी संयुक्त रूप से चुनाव लड़े, बिजली कटौती पर सरकार को घेरा  

Wed, 27 Apr 2022 06:40 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी निजी राय है कि पीएजीडी को भाजपा व उसकी ए और बी टीमों को दूर रखने के लिए आगामी चुनाव में साथ लड़ना चाहिए। बिजली कटौती पर उन्होंने सरकार को घेरा। कहा कि उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। 
विज्ञापन
उमर अब्दुल्ला (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पीएजीडी को विधानसभा चुनाव भाजपा, उसकी ए और बी टीमों को दूर रखने के लिए संयुक्त रूप से लड़ना चाहिए। बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, "यह मेरी निजी राय है। अगर कोई मुझसे पूछता है, तो मैं सुझाव दूंगा कि पीएजीडी को भाजपा और उसकी ए और बी टीमों को दूर रखने के लिए आगामी चुनावों में साथ लड़ना चाहिए। अंतिम फैसला पीएजीडी को ही करना है।

कश्मीर के युवाओं की सुन रहे बात 

उन्होने कहा कि वह नेशनल कांफ्रेंस की जोनल कमेटियों के साथ मुलाकात कर रहे हैं ताकि यह समझ सकें कि कश्मीर के युवा आजकल क्या कह रहे हैं। उनकी क्या सोच है और क्या परेशानियां हैं। नेकां को लेकर उनकी क्या उम्मीदें हैं यह सब जानने के लिए बैठकें बुलाई जा रही हैं। 

370 मामले की सुनवाई का स्वागत

सुप्रीम कोर्ट में जून महीने में 370 के मामले की सुनवाई को लेकर उमर ने कहा कि हम इसका स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा देर आये दुरुस्त आए, हमें एहसास है कि कोविड के चलते अदालतों में कार्रवाई में असर पड़ा। यही कारण है कि शायद हमारे 370 के मामले पर भी सुनवाई नहीं हो पाई। उमर ने कहा कि हम सिर्फ यही गुज़ारिश करेंगे कि सुनवाई फ़ास्ट ट्रैक से हो।

बिजली कटौती कर  हमें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है

रमजान के पवित्र महीने के दौरान कश्मीर में बिजली कटौती के बारे में उमर ने हैरानी व्यक्त की और कहा कि ऐसा लगता है कि हमें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "मुझे आश्चर्य है कि दिन और रात के बाकी घंटों में बिजली क्यों रहती है लेकिन सहरी और इफ्तार के समय नहीं। आप सहरी खाने के लिए उठते हैं, बिजली नहीं है और इफ्तार के समय भी ऐसा ही होता है।

 

उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि हमारे ज़ख्मों पर नमक छिड़कने की कोशिश की जा रही है। उमर ने कहा कि जो अल्फाज पिछले साल कहे गए 'दिल की दूरी और दिल्ली से दूरी को काम किया जाएगा', हम वो देखना चाहते हैं।

पीएम की बात पर अमल होना देखना चाहते हैं 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में सांबा में युवाओं से कहा कि आपकी जो बाप दादाओं की परेशानिया थी वो आपको नहीं देखनी पड़ेंगी। उमर ने कहा कि मैं उसपर अमल होते देखना चाहता हूं। आज से उसकी शुरुआत हो और हम भी देखें। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें