रामबन। नशे के खात्मे को रणनीति तैयार करने के लिए जिला प्रशासन ने समाज कल्याण विभाग के सहयोग से मैत्रा में एक दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया। इसमें नशा मुक्त जम्मू और कश्मीर अभियान के तहत जागरूकता अभियान-सह-आईईसी अभियान चलाने का आह्वान किया गया।
रामबन के उपायुक्त बसीर-उल-हक चौधरी ने सत्र की अध्यक्षता की, जिसमें सहायक आयुक्त राजस्व (एसीआर) हरपाल सिंह, सहायक आयुक्त विकास (एसीडी) श्रीनाथ सुमन, मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) एस. बिक्रम सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कमल जे. जादु, बीएमओ उखराल डॉ. मोहम्मद इकबाल, तहसील समाज कल्याण अधिकारी (टीएसडब्ल्यूओ) मोहम्मद शाहबाज सहित प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया।
उपायुक्त ने नशे से निपटने के लिए एक सहयोगी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया। शिक्षकों, अभिभावकों, धार्मिक नेताओं और मीडिया सहित सभी हितधारकों से इस नेक काम में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने एसीडी को अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए विभागों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की पहचान करने का निर्देश दिया। किशोरों को मादक द्रव्यों के सेवन से दूर रखने में माता-पिता, विशेष रूप से महिला परिवार के सदस्यों द्वारा सतर्कता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सीईओ को अभियान के हिस्से के रूप में सप्ताह में दो बार स्कूलों में नुक्कड़ नाटक और वाद-विवाद का आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।