- पंचायत सुलगार में दो वर्ष पहले शुरू किया काम, अब चार परिवारों को भी दिया काम
उधमपुर। जिले की पंचायत सुलगार की सुनीता देवी (39) ने डेयरी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल कायम की है। दो वर्ष पहले तक सीमित संसाधनों और मात्र दो गाय के साथ पारंपरिक पशुपालन शुरू करने वाली सुनीता ने आज मेहनत, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर व्यावसायिक स्तर की डेयरी इकाई स्थापित कर ली है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और निरंतर प्रयास से अपने छोटे से कदम को संगठित व्यवसाय का रूप दिया।
पशुपालन विभाग की योजना के अंतर्गत लगभग दस लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर उन्होंने कारोबार का विस्तार किया। योजनाबद्ध ढंग से काम करते हुए प्रतिदिन लगभग 60 से 70 लीटर दूध का उत्पादन कर रही हैं। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आसपास के तीन से चार परिवारों को भी रोजगार मिला है।
दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ सुनीता कलाड़ी, पनीर, दही सहित अन्य दुग्ध उत्पाद तैयार कर स्थानीय बाजार में आपूर्ति कर रही हैं। गुणवत्ता और शुद्धता के कारण उनके उत्पादों को उपभोक्ताओं का विश्वास प्राप्त हुआ है। उनका कहना है कि पहले आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सम्मानजनक आय और आत्मनिर्भरता ने आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है। भविष्य में वह और परिवारों को जोड़कर उद्यम का और विस्तार करना चाहती हैं।
पूर्व बीडीसी चेयरमैन आरती शर्मा ने उनकी मेहनत की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। सुनीता की सफलता दर्शाती है कि यदि महिलाओं को उचित मार्गदर्शन, योजनाओं का लाभ और वित्तीय सहयोग मिले तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी मिसाल बन सकती हैं। ग्रामीण परिवेश में रहकर उन्होंने यह सिद्ध किया है कि स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण संभव है।