फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उधमपुर: न अस्पताल, न सड़क... 9,700 फीट पर सेना ने दिखाई हिम्मत, वीडियो कॉल से डॉक्टरों को जोड़ा और बचाई जान

Mon, 05 Oct 2026 10:52 AM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर

सार

ऊधमपुर के 9,700 फीट ऊंचे स्योजधार इलाके में लकड़ी काटते समय घायल हुई बकरवाल महिला दो घंटे तक बेहोश पड़ी रही। सेना के जवानों ने वीडियो कंसल्टेशन से डॉक्टरों की मदद लेकर जंगल में ही 12 टांके लगाए, प्राथमिक उपचार किया और महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।
विज्ञापन
महिला का उपचार करते सेना के जवान। - फोटो : सेना
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

9,700 फीट की ऊंचाई और स्योजधार क्षेत्र के बेहद दुर्गम जंगल... लकड़ी काटते समय एक बकरवाल महिला ऊंचाई से गिर गई। वह दो घंटे वहीं बेहोश पड़ी रही। भारतीय सेना को खबर मिली तो जवान बचाने के लिए दाैड़ पड़े। माैके पर सेना के जवानों ने वीडियो कॉल के जरिये इलाज किया। इसके बाद मीलों पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया। अंतत: महिला की जान बचा ली गई। परिवार सेना का शुक्रगुजार है।

विज्ञापन

सेना के प्रवक्ता के अनुसार स्योजधार इलाके में तैनात जवानों को रविवार को सूचना मिली थी कि बकरवाल समुदाय की एक महिला लकड़ी काटते समय अचानक गिर गई है। उसके सिर में गहरी चोट लगने के कारण वह लगभग दो घंटे तक जंगल में बेहोश पड़ी रही। जैसे ही इस आपात स्थिति की सूचना सेना को मिली, जवान बिना एक पल गंवाए तुरंत मौके के लिए रवाना हो गए।

इतनी ऊंचाई और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाना नामुमकिन था, इसलिए सेना ने तकनीक और अपनी मेडिकल ट्रेनिंग का बेहतरीन इस्तेमाल किया। सेना के बैटल फील्ड नर्सिंग असिस्टेंट्स ने मौके पर ही वीडियो कंसल्टेशन के जरिए डॉक्टरों से राय ली। जवानों ने महिला के घाव को साफ कर एनेस्थीसिया दिया और वहीं जंगल में ही 12 टांके लगाए। दर्द निवारक दवाइयां और ड्रिप देकर महिला की स्थिति को स्थिर किया गया।
विज्ञापन

और फिर दूसरी चुनाैती भी पार की
घटनास्थल पर इलाज कर हालत स्थित होने के अब दूसरी बड़ी चुनाैती महिला को सुरक्षित नीचे लाना था। रास्ते के मुश्किल और उबड़-खाबड़ हालात को देखते हुए सेना के जवानों ने अपने चार पोर्टर्स की मदद ली। घायल महिला को स्ट्रेचर पर सुरक्षित लाटी गांव तक लेकर आए। इसी बीच, एंबुलेंस से आगे ले जाने और इलाज के लिए सिविल हॉस्पिटल लाटी के साथ तालमेल बिठाया गया। इससे महिला को तुरंत अस्पताल भेजा जा सका।

पीड़ित परिवार का भी रखा ख्याल
सेना प्रवक्ता ने बताया कि समय पर किया गया यह चिकित्सा हस्तक्षेप और रेस्क्यू ऑपरेशन दूरदराज के क्षेत्रों में नागरिकों की सहायता के लिए सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें