सिंथनटॉप पर बर्फ से लकदक पहाड़।
- फोटो : सिंथनटॉप पर बर्फ से लकदक पहाड़।
उधमपुर। जिले के मैदानी इलाकों में शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश और उच्च पर्वतीय चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी से जहां जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं शुष्क मौसम से राहत मिली है। उधर इस बारिश और बर्फबारी ने किसानों से लेकर पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी है।
जिले में बर्फबारी नहीं होने से मायूस हो रहे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटाॅप और नत्थाटाॅप आदि के कारोबारियों के मन की मुराद पुरी हो गई है। बर्फबारी का आनंद लेने के लिए पटनीटाॅप और नत्थाटाॅप में पर्यटकों का सुबह से ही हुजूम उमड़ पड़ा है।
जिले और इसके आसपास की उच्च पर्वतीय चोटियां बर्फ की सफेद चादर से लकदक हो गई हैं। इससे जिले के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई और दिनभर का अधिकतम तापमान 12.8 और न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। ठंड से बचने के लिए शहर में लोग अलाव तापने पर मजबूर हुए। मैदानी इलाकों में हुई दिनभर की बारिश का कुल औसत 7.2 एमएम दर्ज किया गया। इस हल्की बारिश से कहीं से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। हालांकि आम जनजीवन दिनभर प्रभावित रहा। अपने दैनिक कार्योें को निपटाने में लोगों को सामान्य परेशानी पेश आई। शहर में भी आम दिनों के मुकाबले रौनक कम रही।
उल्लेखनीय है कि लगभग बीते तीन महीने से मौसम शुष्क बना हुआ था। लोग लगातार बढ़ रही सूखी ठंड की मार से परेशान हो रहे थे। किसान जहां फसलों के लिए बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वहीं पर्यटन से जुड़े कारोबारी पटनीटाॅप और नत्थाटाॅप आदि में बर्फबारी नहीं होने से काफी निराश थे।
इधर उधमपुर शहर में भी सूखी ठंड ने हर किसी को परेशान कर रखा था। कई तरह की मौसम संबंधी बीमारियां भी लोगों को जकड़ रही थीं। वहीं नए साल के आगमन से ठीक पहले हुई सीजन की इस पहली बारिश और बर्फबारी ने खेतों में सूखी पड़ी फसलों में भी नई जान डाल दी है। खासतौर पर जिले में बड़े पैमाने पर उगाई जाने वाली गेहूं की फसल के लिए किसान इसे एक बड़ी अच्छी सौगात मान रहे हैं। किसानों का मानना है कि इस बारिश ने लंबे समय से बने सूखे के सीजन को तो खत्म किया है लेकिन गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए अभी इससे कुछ ज्यादा बारिश की जरूरत है।