उधमपुर। बरसात की पहली बारिश ने ही स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की पोल खोेल दी है। मात्र 27 एमएम की बारिश से ही देविकानगरी में जगह-जगह हुए जलभराव के कारण लोगों सहित वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इससे एक बार फिर से नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा हुए हैं। नगर परिषद ने बरसात को लेकर कोई तैयारी नहीं की है। हालांकि तापमान में गिरावट होने पर राहत भी मिली है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी बारिश की संभावना है।
मौसम का मिजाज रविवार रात को ही बदल गया था। घने बादल रात को छा गए थे। सुबह करीब छह बजे बारिश शुरू हो गई, जो 11 बजे तक रुक-रुक कर जारी रही। इस दौरान एमएच चौक, सुभाष चौक, अस्पताल रोड, शिवनगर, मुखर्जी बाजार सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव हो गया और फिर लोगों के लिए पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। पुराने राजमार्ग के किनारे पर जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने पर मार्ग पर पानी जमा हुआ और इससे वाहनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा। जलभराव के कारण लोगों को सड़क पर पैदल चलने के लिए भी स्थान नहीं मिला। जलभराव का कारण नाले और नालियों की सफाई नहीं होना है। इसी कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में बारिश के बाद नालियों में जमा गंदगी सड़क पर बहने लगी। बारिश के कारण सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई। नगर परिषद ने कई हिस्सों से गंदगी को नहीं उठाया और इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। तापमान में गिरावट होने पर उमस भरी गर्मी से भी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार उधमपुर में करीब 27 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।
किसानों को मिली राहत
बरसात की पहली बारिश से किसानों को बहुत राहत मिली है। मक्के की फसल के लिए लंबे समय से किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। अब किसान बिना किसी परेशानी मक्के की बीजाई कर कर सकेंगे।