जिले के विभिन्न स्कूलों-कालेजों के विद्यार्थियों और स्टाफ ने मंगलवार को पाकिस्तान के पेशावर स्थित स्कूल मेें आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है। लोगों ने हमले में मारे गए बच्चों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
भारतीय विद्या मंदिर स्कूल में कैंडल जलाकर व मौन रख कर आतंकवादी हमले में मारे बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस मौके पर स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती रेणु शर्मा व स्कूल के बच्चों ने इस दुख भरी घटना के बारे विचार प्रकट करते हुए इसे बेहद ही दुखभरी, बहुत ही क्रूरतापूर्ण घटना बताया।
बच्चों ने कहा कि जम्मू कश्मीर भी आंतकवादग्रस्त राज्य है जिसमें सरकार की और ऐसे हमलों के प्रति सजग व कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए।
आतंकवाद किसी धर्म व जाति को नही देखता, यह बहूत ही दुख की घड़ी है। इसकी जिनी निंदा की जाए कम है।
स्कूल की प्रिंसीपल ने कहा कि एक और इंडिया में केलाश सत्यार्थी व मलाला जैसे लोगों बाल अधिकारों के लिए नोवेल पुरस्कार दिए जाते है वहीं दूसरी और पाकिस्तान में आतंकवादी बच्चों का कत्लेआम करते हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे विश्व को आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए एकजुट होने की जरूरत है। शिक्षा विभाग, पुलिस, सेना विभाग की ओर से भी कुछ ऐसे कार्यक्रम करने चाहिए, जिससे लोग भी अपनी सुरक्षा कर सकें।
इसके अलावा नारसिंह शैक्षिणक संस्थान मेडिकल साइंसेज में भी पेशावर के स्कूल में मारे गये सभी बच्चों की आत्मा की शातिं के लिए प्रार्थना की। लोगों ने इस हमले को बेहद कायरतापूर्ण और शर्मनाक बताया।
गैर सरकारी संगठन जिओ और जीने दो के सदस्यों ने पेशावर में स्कूली बच्चों के कत्लेआम की कड़ी निंदा करते हुए कैंडल मार्च किया।
भारतीय ग्रुप आफ कालेजेज और भास्कर कालेज ने भी आतंकवादी हमले में मारे गये बच्चों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस निंदनीय हमले की कड़ी निंदा की।
इस मौके पर कालेज में दो मिनट को मौन रखकर मारे गये बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई।