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हजारों मछलियों की ग्रामीणों ने जान बचाई

Fri, 17 Jun 2016 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उधमपुर
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मछलीयों की मौत - फोटो : self
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भीषण गर्मी के कारण तालाब में पानी कम और गंदा हो जाने के कारण मर रही हजारों मछलियों को ग्रामीणों ने बचाया। इस मामले में विभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। जिला मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर फंगयाल गांव के एक तालाब में मछली पालन विभाग ने एक वर्ष पहले मछलियां डाली थीं।
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सही तरीके से देखरेख नहीं होने और भीषण गर्मी के कारण तालाब का पानी सूख गया। पानी कम और गंदा हो जाने के कारण मछलियों ने दम तोड़ना शुरू कर दिया। जब ग्रामीणों को इसका पता चला तो तुरंत मछली पालन विभाग को इसकी सूचना दी गई। कई बार इसकी शिकायत विभाग के अधिकारियों से करने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया और मछलियों के तड़प-तड़प कर मरने का सिलसिला जारी रहा। आखिर ग्रामीणों ने खुद से पहल की।

फंगयाल के लोगों ने एकजुट होकर तालाब के गंदे पानी से मरी हुई मछलियों को बाहर निकालने के साथ ही जिंदा बची कई क्विंटल मछलियों को साफ पानी में रखकर उसे डिब्बर बाबा पैड स्थित तवी नदी में डाल दिया। विभाग के उदासीन रवैए पर गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि जब भी तालाब के पास से लोग गुजरते हैं तो तालाब के बाहर कई मछलियां मरी होती हैं।
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उन्होंने कहा कि विभाग तालाब में मछलियां डाल कर निश्चिंत हो जाता है। पहल कर उसकी तरफ ध्यान नहीं देता। तालाब के बाहर मरी मछलियों से उठने वाली बदबू के कारण गांव में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। उन्होेंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द ही तालाब की मरम्मत करवाकर फिर से मछलियों के रहने लायक बनाया जाए।


मछली पालन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन
उधमपुर (ब्यूरो)। फंगयाल के तालाब में मछलियों के मरने और विभाग के उदासीन रवैये से गुस्साए गांव के लोगों ने मछली पालन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तालाब की मरम्मत करवाने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय निवासी गणेश शर्मा ने कहा कि कई साल से गांव में पानी की किल्लत दूर करने लिए तालाब बनाया गया था, जिसमें लोग अपने मवेशियों को पानी पिलाने के साथ ही पानी का प्रयोग अपने घरों के लिए भी करते हैं।

मछली पालन विभाग ने इस तालाब में एक वर्ष पहले मछलियां डाली थी। साथ ही ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि तालाब की देखरेख करने और मछलियों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए समय-समय पर आते रहेंगे। लेकिन बारिश के अभाव में तालाब में पानी कम हो गया और मछलियां मरने लगीं, पर विभाग ने आने की जहमत नहीं उठाई।
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