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Udhampur News: कटड़ा धर्मनगरी में वैष्णो देवी यात्रा में भारी गिरावट, महाकुंभ और आतंकी हमले बने प्रमुख कारण

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मां के भवन के दर्शन कर वापस आते श्रद्धालु ।
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कटड़ा के व्यापारियों, होटल संचालकों और टैक्सी यूनियनों में चिंता
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विशेषज्ञ महाकुंभ व पहलगाम आतंकी हमले को मुख्य कारण मान रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। मां वैष्णो देवी दरबार में श्रद्धालुओं की संख्या वर्ष 2025 के पहले पांच महीनों में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 7,48,162 कम रही। हालांकि मार्च (78,626 की बढ़त) और अप्रैल (25,653 की बढ़त) में श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया, लेकिन जनवरी, फरवरी व मई में भारी गिरावट आई।
इस गिरावट से कटड़ा के व्यापारियों, होटल संचालकों और टैक्सी यूनियनों में चिंता है। विशेषज्ञ प्रयागराज महाकुंभ और पहलगाम आतंकी हमले को प्रमुख कारण मान रहे हैं। विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे दो प्रमुख कारण सामने आए हैं। पहला, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जनवरी से अप्रैल तक आयोजित महाकुंभ मेला, जहां देशभर के करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे। धार्मिक रुझान वाले यात्रियों का ध्यान इस वर्ष के पहले दो महीनों में महाकुंभ की ओर अधिक रहा, जिससे वैष्णो देवी यात्रा का प्रारंभिक चरण प्रभावित हुआ।
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दूसरा बड़ा कारण जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला रहा, जिसमें कुछ निहत्थे पर्यटकों की जान गई। इस हमले के बाद केंद्र सरकार ने '' ऑपरेशन सिंदूर'' नामक सुरक्षा अभियान शुरू किया, जिसके चलते घाटी और आस-पास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कटड़ा और त्रिकुटा पर्वत पर स्थित भवन क्षेत्र भी इससे अप्रभावित नहीं रहे। कड़ी चेकिंग, आवागमन में बाधाएं और डर के माहौल ने श्रद्धालुओं की संख्या को और प्रभावित किया।

वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, हमने फरवरी के बाद उम्मीद जताई थी कि महाकुंभ समाप्त होने के बाद यात्रा की संख्या में तेजी आएगी और वर्ष के अंत तक आंकड़ा एक करोड़ तक पहुंच सकता है। लेकिन पहलगाम की घटना ने यात्रियों में असुरक्षा की भावना भर दी, जिसका सीधा असर यात्रा पर पड़ा है।
स्थानीय होटल व्यवसायियों का कहना है कि इस बार मई तक का सीजन बेहद कमजोर रहा। एक होटल संचालक ने बताया, 2024 में जहां मई तक बुकिंग 80-90% तक रहती थी, इस बार मुश्किल से 30% पहुंची है। वहीं, टैक्सी चालकों और स्थानीय दुकानदारों की शिकायत है कि यात्रियों की संख्या में कमी से उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ा है। एक टैक्सी यूनियन नेता ने कहा, हम सरकार से मांग करते हैं कि यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि यात्रियों का विश्वास बहाल हो सके।
हालांकि, कटड़ा प्रशासन और श्राइन बोर्ड दोनों ने भरोसा जताया है कि जून से यात्रा में फिर से तेजी आ सकती है, विशेषकर ग्रीष्मकालीन छुट्टियों और अमरनाथ यात्रा के शुरू होने के बाद। सुरक्षा एजेंसियां भी यात्रा मार्गों की निगरानी बढ़ा रही हैं और श्रद्धालुओं को आश्वस्त कर रही हैं कि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि मौजूदा हालात नियंत्रण में रहे और प्रचार-प्रसार तेज किया गया, तो वर्ष की दूसरी छमाही में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी संभव हो सकती है। मां वैष्णो देवी यात्रा में गिरावट धार्मिक, सामाजिक और सुरक्षा कारणों का मिला-जुला परिणाम है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के लिए यह एक चेतावनी भी है कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए सुरक्षा, सुविधा और प्रचार तीनों स्तरों पर काम करना होगा।
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पहले पांच महीनों का यात्रा आंकड़ा:
2025 के जनवरी माह में कुल 5,69,164 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाई, जबकि बीते वर्ष 2024 के जनवरी माह में 6,16,609 श्रद्धालु पहुंचे थे। वहीं, 2025 के फरवरी माह में कुल 3,78,865 श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे, जबकि बीते वर्ष 2024 के फरवरी में यह आंकड़ा 4,32,925 था। वहीं, मार्च 2025 में 9,40,143 श्रद्धालु मां के भवन पहुंचे, जबकि मार्च 2024 में 8,61,517 श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी तरह, वर्ष 2024 के अप्रैल माह में 9,55,575 श्रद्धालु मां के भवन आए थे, जबकि जारी वर्ष 2025 के अप्रैल माह में 9,81,228 श्रद्धालुओं ने वैष्णो देवी यात्रा की। वहीं, जारी वर्ष 2025 के मई माह में 4,13,365 श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में हाजिरी लगाई, जबकि वर्ष 2024 के मई माह में 11,66,301 श्रद्धालु पहुंचे थे। यानी, वर्ष 2024 के मुकाबले जारी वर्ष 2025 के पहले पांच महीनों में 7,48,162 श्रद्धालु कम संख्या में मां वैष्णो देवी के दरबार पहुंचे हैं।
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