वैक्सीन की कमी के कारण जिले में अब कम संख्या में ही लोगों को वैक्सीन लग रही है। मंगलवार को भी वैक्सीन लगवाने लोगों की संख्या में कमी आई है। शाम तक केवल 1805 लोगों को ही वैक्सीन लग सकी है। स्वास्थ्य विभाग ने ज्यादातर वैक्सीन लोगों को घर-घर जाकर लगाई है।
जिला अस्पताल सहित कई सेंटर में सैकड़ों की संख्या में लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे, लेकिन निराश होकर लौटना पड़ा। वैक्सीन लगवाने लोगों की संख्या में बढ़ोतरी होने के साथ अब वैक्सीन की कमी भी सामने आने लगी है।
करीब दो सप्ताह से जिले में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके साथ ही 45 से अधिक आयु वर्ग के लोगों को घर घर जाकर वैक्सीन लगाने के लिए विशेष अभियान की शुरूआत की गई है।
45 से अधिक आयु वर्ग के ज्यादातर लोग अब दूसरी डोज लगवाने के लिए केंद्रों में पहुंच रहे हैं। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग के पास वैक्सीन की कमी हो गई है। मंगलवार को भी हजारों की संख्या में लोग वैक्सीन लगवाने के लिए वैक्सीन सेंटर में पहुंच गए थे।
जिला अस्पताल में भी काफी संख्या में लोग पहुंचे थे। स्वास्थ्य विभाग के पास जरूरत अनुसार डोज नहीं थी, इसलिए जिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे वैक्सीन लगाना बंद कर दिया। इसके बारे में लोगों को जानकारी नहीं दी गई, इसलिए लोग घंटों तक अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे।
विभाग के पास शाम तक बचे थे 1060 डोज
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार मंगलवार को जिले में कुल 1805 लोगों को वैक्सीन लगी है। इनमें चार स्वास्थ्य कर्मचारियों को दूसरी डोज, एक फ्रंट लाइन वर्कर्स को पहली डोज और आठ को दूसरी डोज, 18 से 44 आयु वर्ग में 351 लोगों को पहली डोज और एक को दूसरी डोज, 45 से 60 आयु वर्ग में 533 को पहली और 624 को दूसरी डोज, 113 वरिष्ठ नागरिकों को पहली और 170 को दूसरी डोज दी गई है। मंगलवार शाम तक स्वास्थ्य विभाग के पास 1060 डोज बचे थे।