जिला अस्पताल में वैक्सीनेशन सेंटर को दोपहर बाद बंद किए जाने के कारण दिन भर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वैक्सीन लगवाने के लिए सुबह दस बजे से ही लोग अस्पताल पहुंच गए थे। लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद सेंटर को बंद कर दिया गया। इसके बाद वैक्सीन लगवाने आए लोग सेंटर के खुलने का इंतजार करने लगे। लेकिन इसके बाद सेंटर नहीं खुला। शाम तक इंतजार के बाद वैक्सीन न लगने पर लोगों में बहुत ज्यादा रोष देखने को मिला।
जिला अस्पताल में करीब पांच महीने से कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए सेंटर स्थापित किया है। इसमें हर रोज सैकड़ों लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए काम किया जा रहा है। लेकिन मंगलवार को बहुत कम लोगों को ही वैक्सीन लगाने के बाद सेंटर को बंद कर दिया गया। करीब दस दिन से जिले में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है और हर रोज हजारों की संख्या में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है।
मंगलवार को सुबह जब लोग वैक्सीन लगाने के लिए पहुंचे तो स्वास्थ्य विभाग ने 45 और इससे अधिक आयु वर्ग के लोगों को ही वैक्सीन लगाई गई। 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगाने से मना कर दिया गया। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे अचानक से सेंटर को बंद कर कर्मचारी निकल गए। बाहर बैठे लोगों को लगा कि कुछ समय के बाद इसको खोल दिया जाएगा। लेकिन शाम तक सेंटर को खोला नहीं गया। लोग बाहर बैठ कर खुलने का इंतजार करते।
बाहर इंतजार करने वाले लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति बहुत ज्यादा रोष देखने को मिला। इनका कहना था कि जाने से पहले कर्मचारियोें को बता देना चाहिए था कि अब इसको बंद कर दिया है और आप घरों को लौट जाएं। लेकिन किसी ने भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। अस्पताल का कोई अधिकारी भी उनको जानकारी देने के लिए नहीं आया।
शाम के समय पहुंच गई छह हजार डोज
सरकार की तरफ से 45 और इससे अधिक आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के चलते मंगलवार को 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन नहीं लगाई गई। दूसरा कारण वैक्सीन की कमी भी है। डोज बहुत कम थी। इसलिए कम ही लोगों को वैक्सीन लग सकी। शाम के समय छह हजार डोज पहुंच गई है। बुधवार को फिर से इसमें तेजी आएगी।
डॉ. मोहम्मद यासीन, डीएचओ, उधमपुर