उधमपुर। शहर में तीन दिन से नगर परिषद गंदगी को शहर से बाहर नहीं फेंक रहा है। ढाई महीने में नगर परिषद को शहर से बाहर गंदगी फेंकने के लिए स्थान नहीं मिला है और अब यह परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों में गंदगी के ढेर बढ़ते जा रहे हैं और कुछ स्थानों पर तो गंदगी के पहाड़ बनने लगे हैं। शहरवासियों का कहना है कि अगर नगर परिषद ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला तो आने वाले दिनों में परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी और नगर परिषद के लिए स्थिति को संभालना मुश्किल हो जाएगा।
करीब ढाई महीने से नगर परिषद शहर से हर रोज निकलने वाली करीब 25 टन गंदगी को बाहर फेंकने के लिए स्थान की तलाश कर रहा है और इसी कारण पूरे शहर में सफाई व्यवस्था भी प्रभावित है। जिस स्थान पर नगर परिषद के सफाई कर्मचारी गंदगी को फेंकने के लिए जा रहे हैं वहीं पर लोगों के रोष का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को अंबिहार इलाके में लोगों ने गंदगी फेंकने का विरोध किया था। मौजूदा समय में शहर के अंदर हालात यह है कि नगर परिषद तीन दिन से शहर की गंदगी को शहर से बाहर नहीं फेंक पाया है। शहर के दोमेले चौक, सलाथिया चौक, धार रोड के किनारे, पुराने राजमार्ग के किनारे, मीट मार्केट के नजदीक स्थित डंपिंग स्टेशन, अस्पताल रोड व अन्य कई स्थानों पर केवल गंदगी के ढेर नजर आ रहे हैं। कई स्थानों पर इतनी अधिक गंदगी जमा हो चुकी है कि लोगों के लिए गंदगी के पास से निकलना मुश्किल होता जा रहा है। विशाल सिंह, आशीष कुमार, अमन कुमार व अन्य कई शहरवासियों का कहना है कि शहर फिर से गंदगी से भरता नजर आ रहा है और इससे शहरवासियों की परेशानी बढ़ जाएगी। नगर परिषद को इस परेशानी को गंभीरता से लेकर समाधान निकालना चाहिए।
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कई बार इस परेशानी को प्रशासन के अधिकारियों के सामने रख चुके हैं और प्रशासन की तरफ से जमीन उपलब्ध करवाने के कई आश्वासन दिए गए हैं, लेकिन गंदगी को फेंकने के लिए जमीन दी नहीं गई है। इसी कारण परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जिस दिन प्रशासन जमीन उपलब्ध करवा देगा शहर सफाई की व्यवस्था भी सुधर जाएगी।
डा. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद चेयरमैन