स्वच्छता शुल्क की वसूली को लेकर नगर परिषद और दुकानदार आमने-सामने
शुल्क वसूलने पहुंची टीम को करना पड़ा दुकानदारों के गुस्से का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। स्वच्छता शुल्क (सेनिटेशन शुल्क) को लेकर एक बार फिर से नगर परिषद और दुकानदार आमने-सामने आ गए हैं। शनिवार को सेनिटेशन शुल्क वसूलने पहुंची नगर परिषद की टीम को दुकानदारों के गुस्से का सामना करना पड़ा है। शुल्क वसूलना शुरू करते ही दुकानदारों से विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले सफाई व्यवस्था सुधारी जाए उसके बाद शुल्क देंगे। मौके पर पहुंचे एडीसी, तहसीलदार और एसएचओ ने दुकानदारों को शांत करने का प्रयास किया।
नगर परिषद के दुकानदारों से 250 रुपये प्रतिमाह सेनिटेशन शुल्क वसूल रहा है। लेकिन, दुकानदारों का कहना है कि पहले सेवा को सही तरह से बहाल किया जाए और उसके बाद शुल्क देंगे। क्योंकि, शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जब तक शहर में सफाई व्यवस्था को ठीक नहीं किया जाता तब तक वह सफाई शुल्क नहीं देंगे। विवाद को सुलझाने के लिए एडीसी, तहसीलदार और एसएचओ को हस्तक्षेप करना पड़ा। दुकानदारों को समझाया गया कि सफाई शुल्क शहर की बेहतरी के लिए ही लिया जा रहा है। इसलिए, दुकानदार सहयोग करें। व्यापार मंडल के सदस्यों ने कहा कि वे सेनिटेशन शुल्क देने के विरोध में नहीं हैं। बात सिर्फ इतनी है कि पहले सेवा को दुरुस्त किया जाए। लेकिन, नगर परिषद बिना सेवा के ही शुल्क वसूलने पर अड़ी है। यह मनमानी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।
सेनिटेशन शुल्क और बकाया वसूली के लिए प्रशासन के सहयोग से नगर परिषद ने शहर में अभियान चलाया था। कुछ दुकानदार यूजर शुल्क नहीं दे रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि यूजर चार्जेस अधिक वसूले जा रहे हैं। व्यापारिक यूजर चार्जेस 250 रुपय है और यह 2019 से तय हैं। सभी से अपील है कि शहर को स्वच्छ रखने के लिए प्रशासन और नगर परिषद का सहयोग करें।- जोगेंद्र जसरोटिया, एडीसी
सफाई नहीं होने पर मना किया शुल्क देने से : जितेंद्र बरमानी
व्यापार मंडल के प्रधान जितेंद्र बरमानी ने कहा कि नगर परिषद दुकानदारों से 250 रुपये प्रतिमाह से स्वच्छता शुल्क वसूल रही है। लेकिन शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं और नालियां बंद हैं। बिना सफाई के दुकानदारों को लूटा जा रहा है। इसलिए दुकानदारों से शुल्क देने से मना किया है। अब जिला प्रशासन के सामने नगर परिषद के अधिकारियों से मुद्दे पर बैठक होगी। दुकानदारों की मांग है कि पहले नगर परिषद व्यवस्था को बेहतर बनाए और फिर यूजर चार्जेस वसूले।