संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। सरकार की तरफ से राशन वितरण प्रणाली का डिजिटलाइजेशन तो कर दिया गया है लेकिन राशन डिपाे की भारी कमी से जूझ रहे जिला उधमपुर में उपभोक्ताओं को इसका कोई खास लाभ नहीं मिल पा रहा। उपभोक्ता हर महीने राशन लेने के लिए लंबी कतारों में लगकर परेशान हो रहे हैं।
डिपो पर जब राशन पहुंचता है तो उपभोक्ताओं की भारी भीड़ लग जाती है और राशन के लिए कई बार मारामारी तक की नौबत आ जाती है। कई बार तो कई-कई दिनों तक राशन लेने के लिए बारी ही नहीं आती है और उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिल पाने के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
आठ तहसील और 204 पंचायतों वाले जिले में मात्र 177 डिपो
जानकारी के मुताबिक आठ तहसीलों और 204 पंचायतों वाले जिला उधमपुर में राशन कार्ड धारकों की संख्या लाखों में हैं और इन्हें राशन वितरण के लिए पूरे जिले में मात्र 177 राशन डिपो ही खोले गए हैं। इससे कई जगहों पर दो पंचायतों के लिए मात्र एक राशन डिपो ही उपलब्ध है। इससे कई इलाकों मेंं ग्रामीणों को राशन लेने के लिए पांच से सात किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर दूसरी पंचायत में जाना पड़ता है।
शहर के 21 वार्डों के लिए मात्र 11 डिपो
उधमपुर शहर के भीतर भी यही हालात हैं। शहर के कुल 21 वार्डों की 28 हजार आबादी के लिए मात्र छह सरकारी और पांच निजी राशन डिपो ही उपलब्ध हैं। इससे एक-एक डिपो पर कहीं दो तो कहीं 3 वार्डों की आबादी निर्भर है और उपभोक्ताओं को दो से ती किलोमीटर दूर तक राशन लेने के लिए जाना पड़ता है। अकेले वार्ड नंबर चार आदर्श कालोनी में स्थापित राशन डिपो पर ही 1317 राशन कार्ड धारकों के साथ 4694 लोग निर्भर हैं।
इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब डिपो पर राशन पहुंचता है तो हालात किसी तरह के बनते होंगे। खासतौर पर राशन वितरण प्रणाली का डिजिटलाइजेशन होने के बाद उपभोक्ता नजदीक मौजूद डिपो से ही राशन लेते हैं और इस कारण भी कई डिपो पर जरूरत से अधिक भार है। नियम और जरूरत के मुताबिक 250 से अधिक आबादी पर एक राशन डिपो खोला जा सकता है।
239 नए राशन डिपो हुए थे मंजूर, सिरे नहीं चढ़ी योजना
करीब 23 वर्ष पहले शहर में राशन वितरण के लिए प्रशासन की तरफ से छह सरकारी राशन डिपो खोले गए थे। इसके बाद कोई नया सरकारी राशन डिपो नहीं खुल सका लेकिन 2008 के बाद निजी डिपो को लाइसेंस जारी करना शुरू किया गया और 2022 तक कुछ निजी राशन डिपो भी खोले गए।
बाद में उपभोक्ताओं की समस्या को दूर करने के लिए साल 2017 में राज्य सरकार ने उधमपुर के लिए कुल 239 नए राशन डिपो मंजूर किए थे। इसमें उधमपुर शहर में 30 से अधिक राशन डिपो खोले जाने थे। लेकिन बाद में यह योजना बंद कर दी गई।
राशन वितरण प्रणाली को डिजिटलाइजेशन किए जाने के बाद भी राशन लेने के लिए घंटों कतारों में लगना पड़ता है। इससे पूरा दिन बर्बाद होता है और कई बार इतना समय बर्बाद करने के बाद भी राशन नहीं मिल पाता है। यह काफी बड़ी समस्या है सरकार को इसका जल्द से जल्द समाधान करना चाहिए।
अंकित शर्मा
ग्रामीण इलाकों में राशन डिपो की कमी एक बहुत बड़ी समस्या है। इसके चलते कई-कई किलोमीटर तक घंटों का पैदल सफर तय कर जब लोग राशन डिपो पर पहुंचते हैं तो कई बार फिंगर स्कैन मशीन नहीं चलने से राशन नहीं मिल पाता है। फिर अगले दिन दोबारा से जाकर अंगूठा लगाना पड़ता है। इससे उनका काफी समय बर्बाद होता है और भारी परेशानी भी उठानी पड़ती है।
मोहन लाल
शहर के भीतर राशन डिपो की कमी से राशन लेने में काफी परेशानी आती है। उपभोक्ता राशन के लिए कई-कई दिन इंतजार करते हैं और जब डिपो पर राशन पहुंचता है तो भारी भीड़ लग जाती है। इससे खासकर महिलाओं और बूढ़े उपभोक्ताओं को अधिक समस्या उठानी पड़ती है।
अश्वनी शर्मा
शहर में उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होती रही है। राशन डिपो की संख्या को नहीं बढ़ाया गया है। दो से तीन वार्डों के लिए एक-एक डिपो उपलब्ध है। इससे राशन लेने के लिए मारामारी मचती है। हर महीने राशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है और महीने में मात्र पांच से दस दिन ही डिपु खुलता है। सरकार को हर वार्ड के लिए एक अलग राशन डिपो स्थापित कर राहत देनी चाहिएश।
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सोहन लाल
जिले में राशन डिपो की कमी को दूर करने के लिए 142 नए डिपो खोलने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद उपभोक्ताओं को पेश आ रही समस्याओं से राहत मिल जाएगी।
एडी विशाल अंगुराना, फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट उधमपुर