उधमपुर। उधमपुर जिले के मांड पश्चिम क्षेत्र की रहने वाली प्रेरणा जम्वाल को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ ने डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की है।
प्रेरणा ने बताया कि उनका पीएचडी शोध प्रबंध का शीर्षक ''संक्रमण धातु-आधारित द्वि-आयामी पदार्थों में इलेक्ट्रॉन-फोनॉन मध्यस्थ अतिचालकता'' है। अतिचालक पदार्थों के उन्नत गुणों पर गहन शोध करता है जिनके भविष्य की ऊर्जा संचरण प्रौद्योगिकी, क्वांटम कंप्यूटिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स पर गहन प्रभाव पड़ सकते हैं। अतिचालकता जो अत्यंत निम्न तापमान पर बिना किसी प्रतिरोध के विद्युत का संचालन करने की पदार्थों की क्षमता का वर्णन करती है, संघनित पदार्थ भौतिकी के सक्रिय क्षेत्रों में से एक रहा है।
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प्रेरणा का शोध द्वि-आयामी संक्रमण धातु पदार्थों पर केंद्रित है और यह जांच करता है कि इलेक्ट्रॉन-फोनॉन युग्मन कैसे अतिचालकता को सक्षम बनाता है। उनका काम अधिक कुशल अतिचालक पदार्थों के विकास में मदद कर सकता है, जो उच्च-प्रदर्शन विद्युत प्रणालियों पर निर्भर उद्योगों में बदलाव ला सकते हैं।
उधमपुर जिले के टिकरी के छोटे से गांव चनास के प्रदीप जम्वाल और सुधा की पुत्री का शैक्षिक अनुभव भावी शोधकर्ताओं, विशेषकर वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी सफलता छोटे शहरों और गांवों से अवसर मिलने पर उभरने वाली क्षमता की संभावना को दर्शाती है।