उधमपुर। पूर्व पार्षद प्रीति खजूरिया।
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उधमपुर। वरिष्ठ नेत्री व पूर्व पार्षद प्रीति खजूरिया ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मेहराज मलिक की जन सुरक्षा अधिनियम के तहत नजरबंदी जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक सिद्धांतों और नागरिक स्वतंत्रता पर एक गंभीर हमला करार दिया है।
खजूरिया ने कहा कि इस विवादास्पद कानून के तहत नजरबंद होने वाले पहले मौजूदा विधायक होने के नाते मलिक के मामले की सभी राजनीतिक दलों ने व्यापक निंदा की है और क्षेत्र में असहमति के बढ़ते दमन पर गंभीर चिंताएं जताई हैं। उन्होंने दावा किया कि मलिक के खिलाफ जन सुरक्षा अधिनियम लागू करने का जिला प्रशासन का औचित्य उनकी गतिविधियों के सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए हानिकारक होने के अस्पष्ट दावों पर आधारित है।
हालांकि यह साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है कि उन्होंने जन सुरक्षा के लिए कोई वास्तविक खतरा पैदा किया था। इसके बजाय यह नजरबंदी मलिक द्वारा स्थानीय प्रशासकों की मुखर आलोचना और हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के लिए उनकी वकालत का एक असंगत जवाब प्रतीत होती है। संवाद