2023 में रोंदोमेल में जगह चयनित, डीपीआर भी की तैयार, लेकिन प्रक्रिया फाइलों तक ही सीमित
दशकों पुरानी मांग को ट्रांसपोर्टर बनाएंगे चुनावी मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जिले में ट्रांसपोर्ट यार्ड का मुद्दा काफी पुराना है। विभिन्न चुनावों में जन प्रतिनिधि जिला मुख्यालय में ट्रांसपोर्ट यार्ड के निर्माण का वादा कर वोट बंटोरते आए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक यार्ड का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
2023 में रोंदोमेल में ट्रांसपोर्ट यार्ड को लेकर जगह चयनित करने के साथ ही डीपीआर भी बनाई गई। लेकिन, प्रक्रिया फाइलों तक ही सीमित रह गई। मौजूदा चुनाव में ट्रांसपोर्ट वर्ग के लिए यह अहम मुद्दा रहेगा, जिसके मद्देनजर ही ट्रांसपोर्टर अपने मत का इस्तेमाल करेंगे।
जिला उधमपुर के रामनगर, बसंतगढ़, चिनैनी, घोरड़ी, बरमीन, मजालता, पंचैरी, लांदर और मोंगरी तहसील का ट्रांसपोर्टर वर्ग भी जिला मुख्यालय पर निर्भर है। शहर के धार रोड व पुराने राजमार्ग के किनारे बनी अनगिनत वर्कशाप, सर्विस स्टेशन, स्पेयर्स पार्ट विक्रेताओं का कारोबार चल रहा है। लेकिन, पर्याप्त स्थान उपलब्ध न होने की वजह से कई कारोबारियों, चालकों, वाहन मालिकों को प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। क्योंकि, शहर के बीचोबीच होने की वजह से कई बार यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। ट्रांसपोर्ट वर्ग के पास कोई और विकल्प नहीं है। अगर, यार्ड का निर्माण होता है तो कारोबारियों सहित ट्रांसपोर्ट से जुड़े हर वर्ग को लाभ मिलेगा व साथ ही जाम की समस्या से भी काफी हद तक निजात मिल सकती है।
2023 में उनके कार्यकाल में रोंदोमेल में लगभग 90 कनाल भूमि का चयन किया था। नक्शा बनाने के साथ ही डीपीआर भी तैयार की गई, लेकिन तत्कालीन प्रशासन ने भूमि को प्राथमिकता नहीं दी। प्रशासन के पास इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए 75 लाख भी जारी किए गए, लेकिन काम शुरू न होने पर पैसा वापस चला गया।
- डॉ. योगेश्वर गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद, उधमपुर
ट्रांसपोर्ट यार्ड की कमी से कारोबार काफी प्रभावित होता है। जिले के विभिन्न हिस्सों सहित साथ लगते जिले के लोग भी वाहनों की मरम्मत के लिए उधमपुर आते हैं। लेकिन, पर्याप्त स्थान न होने की वजह से कई ट्रांसपोर्ट जम्मू का रुख करते हैं। इस बार हमारा वोट उसको मिलेगा जो ट्रांसपोर्ट यार्ड का वादा करेगा।
- प्रदीप शर्मा, ट्रांसपोर्टर
सड़क किनारे चल रही कई वर्कशाॅप को आए दिन प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। यार्ड बनने से एक ही स्थान पर वर्कशाप, सर्विस स्टेशन, स्पेयर पार्ट्स की सुविधा मिलने से कारोबार में भी बढ़ोतरी होगी और जिले का राजस्व भी बढ़ेगा। इसलिए विस चुनावों में ट्रांसपोर्ट यात्रा उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी।
- अनिल कुमार, स्थानीय कारोबारी
यह काफी पुरानी मांग है। कई बार सरकारों एवं प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन आजतक कोई कदम नहीं उठाया गया है। इन चुनावों में वह उसी उम्मीदवार को वोट देंगे, जो उनकी टांसपोर्ट यार्ड की मांग को लेकर संघर्ष करने का वादा करेगा।
- रजत कुमार, स्थानीय निवासी
ट्रांसपोर्ट यार्ड की वजह से जहां चालकों, ट्रांसपोर्ट्स और उससे कारोबारियों को लाभ मिलेगा वहीं शहर में पैदा होने वाली यातायात अव्यवस्था से भी निजात मिलेगी। इस बार जो वोट मांगने आएगा, अगर वह उधमपुर में ट्रांसपोर्ट यार्ड से जुड़ी परियोजना को पूरा करने का वाद करेगा तो वोट उसी को मिलेगा।
- मदन कुमार, स्थानीय निवासी