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Udhampur News: जयकारों से गूंजा बाबा समताल रूहानीपत्त का दरबार, भक्तों ने प्राप्त किया आशीर्वाद

Fri, 07 Jun 2024 02:14 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
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पंचैरी के गलियोत बधोता टॉप पर दो दिवसीय वार्षिक मेले का आगाज
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर/पंचैरी। पंचैरी के गलियोत बधोता टॉप पर वीरवार को दो दिवसीय वार्षिक बाबा समताल रूहानीपत्त मेले का आगाज हुआ है। पहले दिन बड़ी संख्या में स्थानीय सहित आसपास के श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगा आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं, परिवार सहित प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। दिनभर क्षेत्र बाबा के जयकारों से गूंजता रहा है। श्रद्धालुओं ने प्राकृतिक के मनमोहक नजारों के बीच देवस्थान पर आयोजित मेले का आनंद उठाया।
मेले का औपचारिक उद्घाटन भाजपा नेता एवं उधमपुर के पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने किया। मेले के दौरान खाने पीने की चीजों के आलावा महिलाओं के श्रृंगार, घरेलू जरूरत की चीजों, खिलौनों आदि की दुकानें सजाई गई थीं। मेले में आए लोगों ने पहले देवस्थान पर पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाद में मेले का आनंद उठाया। मेला समिति के सहयोग से कई खेल गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है। इसमें युवाओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लेकर प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक ने युवाओं को नशाखोरी जैसी बुराइयों से दूर रहने और खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं, लेकिन पड़ोसी मुल्क युवाओं को नशे का आदी बनाकर देश के भविष्य को बर्बाद करने की नापाक मंशा पाले बैठा है। इसलिए हमें इस नशे के चक्रव्यूह से सावधान रहने की जरूरत है। इस मौके पर जोनल शिक्षा अधिकारी बलदेव राज और मेला समिति के मुल्ख राज, सुरजीत सिंह, विशन दास, दलीप सिंह, सुभाष सिंह, सुमित कुमार और सोहन लाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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गलियोत बधोता टाॅप में पर्यटन की अपार संभावनाएं, सरकार दे ध्यान : पूर्व बीडीसी चेयरमैन
पूर्व बीडीसी जीवन शर्मा और मेला समिति के सदस्यों ने कहा कि गलियोत बधोता टाॅप का यह इलाका बेहद खूबसूरत और देवदार के हरे भरे पेड़ा से लकदक है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसलिए, सरकार को इसकी तरफ ध्यान देने की जरूरत है। यहां हर साल मेला लगता है और दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। मेले डुग्गर संस्कृति की धरोहर हैं। इनमें हमें बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए।
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