वार्ड एक की पूर्व पार्षद प्रीति खजूरिया ने लगाए प्रशासनिक अन्याय के आरोप
42 लाख की राशि का 50 % अनुपातहीन रूप से बड़ा हिस्सा केवल दो वार्डों को ही आवंटित
उधमपुर। नगर परिषद के मुख्य अधिकारी की ओर से वर्ष 2025-26 के लिए जिला योजना निधि के आवंटन में प्रशासनिक अन्याय और भेदभाव का गंभीर मामला सामने आया है। यह आरोप वार्ड नंबर एक की पूर्व पार्षद प्रीति खजूरिया ने लगाए।
बैठक के दाैरान खजूरिया ने कहा कि निधि वितरण स्पष्ट रूप से किया गया है जिसमें विकेंद्रीकृत नियोजन के सिद्धांतों का उल्लंघन किया गया है। इसमें कई वार्डों के नागरिकों के कल्याण की उपेक्षा हुई है।
जानकारी के अनुसार 42 लाख की धनराशि का लगभग 50 प्रतिशत अनुपातहीन रूप से बड़ा हिस्सा केवल दो वार्डों को आवंटित किया गया है। इसमें वार्ड 17 में 17 लाख और वार्ड संख्या 11 में 5.60 लाख जबकि इसके विपरीत नगरपालिका के नाै अन्य वार्डों में कोई धनराशि नहीं मिली। इनमें वार्ड नंबर 1, 3, 6, 7, 12, 13, 14, 16 और 19 की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है और उन्हें इस योजना में शून्य धनराशि आवंटित की गई है।
इस कार्रवाई ने इन वार्डों को विकास कार्यों के लिए उनके उचित हिस्से से वंचित कर उनकी प्रगति को अवरुद्ध कर दिया है और सभी नागरिकों के समान विकास के मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है। खजूरिया का आरोप है कि यह आवंटन पैटर्न शहरी स्थानीय निकायों के घोषित दृष्टिकोण और उद्देश्यों के पूर्णत विपरीत है जिसमें आर्थिक और सामाजिक विकास की योजना बनाना और सभी घटकों के लिए सुविधाओं का विनियमन शामिल है।
आखिर में खजूरिया ने यह आरोप लगाया कि नगर परिषद के मुख्य अधिकारी ने भेदभावपूर्ण निधि आवंटन के लिए प्रयुक्त प्रक्रिया और मानदंडों की उच्च-स्तरीय जांच होनी चाहिए। साथ ही नाै उपेक्षित वार्डों को तत्काल धनराशि जारी करने का जिला प्रशासन को तत्काल प्रभाव से निर्देश
देना चाहिए।