- 30 जुलाई को 180 प्रति एमएल 52 बोतल शराब के साथ किया था गिरफ्तार
उधमपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत आबकारी अधिनियम की धारा 48 (ए) के तहत 1500 रुपये के जुर्माने और अदालत उठने तक साधारण कारावास की सजा सुनाई।
अभियुक्त मंगू राम ने अपने वकील के माध्यम से आबकारी अधिनियम की धारा 48(ए) के तहत अपराध स्वीकारोक्ति के लिए आवेदन किया और स्वेच्छा से स्वीकारोक्ति करने की इच्छा व्यक्त की। अदालत ने उसे उसके स्वीकारोक्ति के परिणामों के बारे में चेतावनी दी, लेकिन उसने आगे बढ़ने पर जोर दिया। अदालत ने यह निर्धारित किया कि अभियुक्त ने अपनी स्वतंत्र इच्छा और पसंद से यह स्वीकारोक्ति की। परिणामस्वरूप, आरोप उसके सामने प्रस्तुत किए गए और उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी दोष याचना को अभिलेखित किया गया और उसे फाइल का हिस्सा बनाया गया।
अभियुक्त के अपराध स्वीकारोक्ति को ध्यान में रखते हुए, न्यायालय ने उसे आबकारी अधिनियम की धारा 48 (क) के अंतर्गत दोषी पाया। उसे 1500 रुपये का जुर्माना और न्यायालय उठने तक साधारण कारावास की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा कर दिया गया और उसे सरकारी खजाने में जमा करने के निर्देश दिए गए। न्यायालय ने अपीलीय न्यायालय के निर्देशों के अधीन, अपील व पुनरीक्षण अवधि समाप्त होने के बाद, वास्तविक दावेदार को उनकी पहचान सत्यापित करने के बाद जब्त की गई नकदी, वस्तुओं या दस्तावेजों को वापस करने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि 30 जून को उधमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रोंदोमेल पुलिस चौकी की टीम ने मंगू राम को तवी जगानू पुल से 52 बोतल 180 प्रति एमएल अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया था। लगभग तीन माह तक चली अदालती कार्रवाई के बाद आरोपी को जुर्माना और साधारण कारावास की सजा सुनाई गई। संवाद