- मिनटों के सफर को तय करने के लिए करना पड़ रहा घंटों का इंतजार
- न शुरू हो पाया पुनर्निर्माण कार्य और न सफल हो पा रहे अस्थायी प्रबंध
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। पिछले लगभग एक महीने से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को सुचारु रखने में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं। इस वजह से रोजाना राजमार्ग पर सफर करने वाले प्रत्येक वर्ग के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
रविवार को भी जखैनी से चिनैनी तक कई घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। चालकों व यात्रियों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा। हालांकि 26 अगस्त को हुई भारी बारिश के बाद से ही राजमार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होना शुरू हो गया था लेकिन दो सितंबर को थर्ड और बलिनाला इलाके में पहाड़ धंसने से राजमार्ग का लगभग 200 से 300 मीटर हिस्सा मलबे में तबदील हो गया था।
अस्थायी तौर पर मार्ग बहाल करने में एनएचएआई को एक सप्ताह से भी अधिक समय लग गया। हालांकि राजमार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्से पर अब तक कोई भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है लेकिन यातायात को आंशिक रूप से बहाल करने के प्रयास में तैयार किया गया अस्थायी मार्ग भी अब हर किसी के लिए जी का जंजाल बन गया है।
कुछ मिनटों का सफर तय करने के लिए कई घंटे लग रहे हैं। क्षतिग्रस्त हिस्से में कभी चिकनी मिट्टी की वजह से दलदल की स्थिति पैदा हो जाती है तो कभी वाहन फंसने से वाहनों की आवाजाही रुक जाती है। पिछले लगभग चार दिनों से राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बेहाल हो चुकी है।
बेहाली के प्रयास हो रहे असफल
नेशनल हाईवे फोरलेन निर्माण व देखभाल के लिए तैनात की गई निर्माण कंपनी की ओर से भी अब तक क्षतिग्रस्त हिस्से के पुर्ननिर्माण को लेकर कोई भी प्रयास शुरू नहीं किए गए हैं। मौजूदा समय में सिर्फ अस्थायी मार्ग से एकतरफा यातायात को बहाल रखने के असफल प्रयास किए जा रहे हैं। यातायात अव्यवस्था की समस्या से जहां ट्रैफिक पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस को 24 घंटे दो-चार होना पड़ रहा है तो वहीं लंबे समय से राजमार्ग बेहाल होने का इंतजार कर रहे ट्रक चालकों के भी बार-बार विरोध का सामना करना पड़ता है। पुलिस के पास वाहनों को रोकने के अलावा ओर कोई चारा ही नहीं हैं।
कुछ दिनों तक बेवजह यात्रा न करें, होंगे परेशान
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के हालात को देखते हुए जम्मू-कश्मीर की जनता ही नहीं अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी मौजूदा समय में सफर करने परहेज करने की जरूरत है। बेवजह के सफर से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आपात परिस्थितियों में ही उधमपुर से घाटी के बीच में सफर करने की योजना बनानी चाहिए। ताकि राजमार्ग पर ट्रैफिक लोड कम हो सके और आम आदमी के साथ यातायात पुलिस एवं प्रशासन को भी राजमार्ग में यातायात व्यवस्था को सुचारु और राजमार्ग को बहाल करने में मदद मिल सके।
प्रशासन की पूरी नजर, स्थिति का लिया जायजा
जिला प्रशासन भी राजमार्ग की स्थिति को लेकर गंभीर है। डीसी सलोनी राय के दिशा निर्देश पर तहसीलदार जय देव सिंह के नेतृत्व में रेवन्यू विभाग की टीम ने रविवार को थर्ड इलाके का दौरा किया और सुबह बारिश के कारण पैदा हुई परिस्थितियों का जायजा लिया। राहत कार्यों में जुटे कर्मियों को दिशा निर्देश देने से सहित आसपास के इलाकों की मौजूदा स्थिति का भी जायजा लिया। खासकर रास्ता बंद रहने के दौरान पैदल आरपार हो रहे यात्रियों को भी सहायता करते नजर आए।
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बारिश ने बढ़ाई परेशानी
रविवार को भी वाहनों को जम्मू से घाटी की ओर छोड़ा गया लेकिन बारिश के कारण थर्ड में फिसलन और दलदल की वजह से ट्रैफिक को रोकना पड़ा। इस वजह से जगह-जगह जाम की स्थिति पैदा हो गई।
- जतिंद्र सिंह, डीएसपी, ट्रैफिक उधमपुर-रामबन
क्षतिग्रस्त हिस्सा फिर से होगा डिजाइन
थर्ड का लगभग आधा किलोमीटर और समरोली में लगभग एक किलोमीटर के स्ट्रैच को फिर से डिजाइन कराने की जरूरत है। क्षतिग्रस्त हिस्से को डबल लेन में तैयार कर यातायात को सुचारु रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। बारिश के कारण दिक्कतें पैदा हो रही हैं।
- शुभम यादव, पीडी रामबन, एनएचएआई