उधमपुर। मौसम में हल्के सुधार के बावजूद जिला के कई ग्रामीण इलाकों में पहाड़ियां दरकने और भूस्खलन का सिलसिला जारी है। लोग डर के साये में हैं। शनिवार को ब्लाॅक पंचैरी की माली पंचायत में पहाड़ी दरकने से हुए भूस्खलन में छह घर जमीदोंज हो गए। 20 अन्य घरों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
कई जगहों पर लोग खतरे के डर से घर खाली कर खाली सुरक्षित जगहों पर डेरा लगाकर रह रहे हैं तो कुछ अभी भी खतरे की जद में मकानों में डटे हुए हैं। ये लोग प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। ब्लाॅक पंचैरी की माली पंचायत में लोग घर छोड़कर जंगलों में डेरा डालकर रहने को मजबूर हो गए हैं। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि गांव के लगभग पांच किलोमीटर के हिस्से की पहाड़ी पर धीरे-धीरे भूस्खलन अभी भी हो रहा है और इसके पूरी तरह से गिरने का गंभीर खतरा नजर आ रहा है।
विज्ञापन
स्थानीय रतन चंद व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस भूस्खलन की चपेट में आने से अभी तक 6 घर पूरी तरह से धवस्त हो गए हैं। पस्सी और मलबा निचले के 20 अन्य घरों से होकर गिर रहा है और यह भी कभी इसकी चपेट में आकर गिर सकते हैं। इसके डर से लोगों ने मकान खाली कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि जिस पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है इसकी जद में करीब 70 के आसपास घर हैं और यह सभी डेंजर जोन में आ गए हैं।
हमने सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई है लेकिन अभी तक हमारी किसी ने सुध नहीं ली है। इसलिए प्रशासन से अपील है कि तत्काल मदद पहुंचाई जाए। अगर जल्द राहत कार्य शुरू नहीं हुआ तो यहां बड़ा हादसा पेश आ सकता है।
इसी तरह ब्लाॅक नरसू के लद्दा गांव में भी चार सितंबर को हुए भूस्खलन से 36 के करीब परिवार बेघर हो गए हैं और बिना बिजली, पानी और सड़क सुविधा के रहने पर मजबूर हो चुके हैं। इन लोगों ने भी प्रशासन से मदद की अपील की है। इनका कहना है कि सड़क संपर्क टूट जाने की वजह से वे जिला मुख्यालय तक नहीं पंहुच पा रहें हैं इसलिए हमें तत्काल जरूरी मदद पहुंचाई जाए।
वहीं अपर बरमीन के गोठ गांव के ग्रामीणों ने भी बारिश की वजह से हुए फसलों के नुकसान का आकलन कर जल्द मुआवजा देने की गुहार लगाई है। स्थानीय पवन कुमार ने बताया कि 25 और 26 अगस्त को हुई भारी बारिश से गांव में काफी ज्यादा नुकसान हुआ है और सरकारी प्राइमरी स्कूल भी काफी ज्यादा क्षतिग्रस्त हो चुका है। अब जल्द मदद का इंतजार है।