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Udhampur News: शिक्षक समुदाय के ज्वलंत मुद्दों का तत्काल समाधान करे सरकार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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उधमपुर। जम्मू-कश्मीर टीचर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेकेटीजेएसी) की मासिक बैठक उधमपुर में रविवार को यूटी अध्यक्ष विनोद शर्मा के नेतृत्व में आयोजित हुई। इसमें सभी क्षेत्रों से जेकेटीजेएसी के कार्यकारी और शीर्ष निकाय के सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान शिक्षक समुदाय के ज्वलंत मुद्दों का तत्काल समाधान करने की मांग की गई।
विनोद शर्मा ने शिक्षकों के ज्वलंत और वास्तविक मुद्दों को उठाया और शिक्षा मंत्री एवं स्कूल शिक्षा सचिव से जम्मू-कश्मीर के हजारों शिक्षकों के कल्याण हेतु इन मुद्दों को हल करने का आग्रह किया। आरईटी योजना के तहत नियुक्त शिक्षकों के पक्ष में व्यापक स्थानांतरण नीति का ज्वलंत मुद्दा उठाते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री से इस मुद्दे के समाधान की अपील की। उन्होंने कहा कि कैट ने भी इन शिक्षकों को जिले के भीतर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है।
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इसके अलावा उन्होंने एक जनवरी 2010 या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के पक्ष में पुरानी पेंशन योजना के वास्तविक और ज्वलंत मुद्दे को उठाते हुए ने सरकार से अपने वादे को पूरा करते हुए इसे लागू करने की अपील की। उन्होंने नियमितीकरण की भी मांग की और आरआरईटी को द्वितीय और तृतीय ग्रेड शिक्षक में परिवर्तित करने की भी मांग की। उन्होंने निदेशक से शिक्षकों की डीपीसी (मास्टर्स के लिए) करने की भी अपील की ताकि बकाया राशि का भुगतान किया जा सके।
इसके अलावा उन्होंने प्रधानाध्यापकों के पदों को गैर-योजनागत पदों में परिवर्तित करने, शिक्षकों के कालातीत बकाया का भुगतान करने, अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के समकक्षों के बराबर शिक्षकों का ग्रेड बढ़ाने, ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन शिविरों और अन्य कार्यों के लिए नियोजित शिक्षकों को अर्जित अवकाश प्रदान करने और बिना प्रधानाध्यापक वाले विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों को भरने की भी मांग की। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से उन कर्मचारियों के सामान्य वेतन (जीपी) जारी करने के मामले में हस्तक्षेप करने की भी अपील की, जिन्होंने इसके लिए आवेदन किया है।
उन्होंने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद के लिए प्रशासन की मदद के लिए हमेशा तत्पर हैं।
उन्होंने जम्मू के स्कूल शिक्षा निदेशक से शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए स्कूल के समय में ढील देने की भी अपील की क्योंकि अभी भी सभी क्षेत्रों में संपर्क स्थापित नहीं हुआ है। आधी से ज्यादा सड़कें अभी भी बंद हैं और कर्मचारियों के अपने कार्यस्थल पर देर से पहुंचने की संभावना है।
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इससे पहले, बैठक शुरू होने से पहले, अगस्त और सितंबर महीने में आई प्राकृतिक आपदाओं में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के दुखद निधन पर दो मिनट का मौन रखकर प्रार्थना की गई। इस अवसर पर सुकेश खजूरिया, अशोक सेठ, प्रीतम गोस्वामी, सुरेश शर्मा व अन्य उपस्थित थे।
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