पिछले साल की तरहा इस बार ही जम्मू पर रहना होगा निर्भर 2023 में मिले थे 720 मामले
2024 में एक माह में मिले हैं पांच नए मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। इस बार भी बरसात का मौसम शुरू होते ही डेंगू ने जिले में लोगों को डंक मारना शुरू कर दिया है। एक माह में पांच नए मामले मिले हैं। लेकिन, इसके बावजूद जिले का सबसे बड़ा अस्पताल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) मरीज का पूरा उपचार करने के लिए तैयार नहीं है।
अस्पताल में अभी तक कंपोनेंट मशीन नहीं लग पाई है, जिस कारण मरीजों को पिछले साल की तरह इस बार भी जीएमसी जम्मू पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने जल्द ही मशीन उपलब्ध होने का आश्वासन दिया है।
डेंगू के दौरान पीड़ित के शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या 20 से 25 हजार रह जाने पर इमरजेंसी में डाक्टरों द्वारा प्लेटलेट्स को बढ़ाना पड़ता है। हैरानी कि बात है कि जीएमसी बनने के एक साल से ज्यादा का समय बाद में अस्पताल में कंपोनेंट मशीन नहीं लग पाई है। पिछले साल भी कई डेंगू पॉजिटिव मरीजों को प्लेटलेट्स काउंट बढ़ाने के लिए जीएमसी जम्मू रेफर किया गया था।
गौरतलब रहे कि 2023 में जिले में डेंगू के 720 मामले मिले थे। अगर इसी बार भी डेंगू का खतरा है, लेकिन जीएमसी प्रशासन अभी तैयार ही नहीं है। अभी तक कंपोनेंट मशीन न होना बहुत बड़ी बात है। यह मशीन डेंगू के इलाज सहित कई अन्य सैंपल तैयार करने लिए भी फायदेमंद है।
मशीन के संदर्भ में उच्च अधिकारियों को लिखित में भेजा है। उम्मीद है कि जल्द ही इस कंपोनेंट मशीन को अस्पताल में स्थापित किया जाएगा। इससे मरीजों को राहत मिलेगी।
- डॉ. मृत्युंजय गुप्ता, प्रिंसिपल, जीएमसी उधमपुर