संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जिले में दो दिन पहले मिले चिकनगुनिया के आठ मरीजों को घरों में ही आइसोलेट किया गया है। साथ ही चिकित्सकों की ओर दवाइयां देने के साथ ही दिए निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
चिकनगुनिया वायरल बुखार की तरह होता है। एक हफ्ते तक लगातार बुखार रहे तो मरीज के शरीर पर रेसेज हो जाते है। इससे उन्हें चिकनगुनिया हो सकता है। बीएमओ ब्लॉक टिकरी डॉ. राजकुमारी सकोलिया ने बताया कि पिछले साल ब्लॉक में चिकनगुनिया का सितंबर माह में कोई भी मामला नहीं आया था। लेकिन, इस बार अभी तक दो नए मामले आए हैं। मरीजों को दवाइयां देकर घर में ही आइसोलेट किया गया है।
विभाग की ओर से लगातार लोगों को चिकनगुनिया के अलावा डेंगू से बचाव को लेकर जागरूक किया जा रहा है। पिछले सितंबर माह में अभी तक डेंगू के 45 मामले आए थे, जबकि इस बार ये आंकड़ा 23 है।
यह है चिकनगुनिया
कोरोना वायरस की तरह चिकनगुनिया बीमारी भी एक वायरस से फैलती है। इंसानों के शरीर में यह एडिस मच्छर के काटने से प्रवेश करता है। यह वायरस ठीक उसी लक्षण वाली बीमारी पैदा करता है, जिस प्रकार की स्थिति डेंगू में होती है और कई बीमारियों की तरह इसका भी कोई इलाज नहीं है और न ही इसके खिलाफ कोई टीका बना है।
चिकनगुनिया के लक्षण
-अचानक तेज बुखार आना
-जोड़ों में दर्द व मांसपेशियों में दर्द
-सिरदर्द, मतली
-थकान, त्वचा पर लाल चकते
-प्लेट्सलेट्स कम होने लगते हैं
-शरीर में काफी कमजोरी होने लगती है
चिकनगुनिया से बचाव के उपाय
-अपने आसपास साफ-सफाई रखें
-मच्छरों के काटने से खुद को बचाएं
-पूरी बाजू की शर्ट पहनें या हो सके तो अपने पूरे शरीर को ढंक कर रखें
-मच्छरदानी लगाकर सोएं तो ज्यादा बेहतर है
चिकनगुनिया होने पर यह करें
-ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें
-तला-भुना खाने से बचें
-घर पर ही रहें और जितना ज्यादा हो सके आराम करें
-किसी भी तरह की दवाई का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें