उधमपुर। स्थानीय कारीगरों और बुनकरों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन उधमपुर और हस्तशिल्प एवं हथकरघा निदेशालय जम्मू के सहयोग से खरीद एवं विपणन सहायता योजना पर एक दिवसीय संगोष्ठी-सह-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम डीसी कार्यालय परिसर के सम्मेलन कक्ष में आयोजित किया गया। इसमें मुख्य योजना अधिकारी उत्तम सिंह, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र किशोर सिंह कटोच, सहायक निदेशक आईईडीएस राजेश कुमार एवं देवेंद्र कुमार त्यागी, सहायक निदेशक हथकरघा उज्ज्वल संब्याल और सहायक निदेशक हस्तशिल्प सुभाष चंद्र शर्मा उपस्थित थे। एमएसएमई-डीएफओ टीम ने कारीगरों और सूक्ष्म उद्यमियों के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए एक सूचनात्मक पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी।
सहायक निदेशकों ने इस बात पर जोर दिया कि संगोष्ठी का प्राथमिक उद्देश्य कारीगरों को प्रमुख कल्याणकारी कार्यक्रमों और सहायता तंत्रों से जोड़कर उन्हें शिक्षित और सशक्त बनाना है। एमएसएमई, डीआईसी, हस्तशिल्प और हथकरघा विभागों के अधिकारियों ने आधुनिक उत्पादन तकनीकों, विपणन रणनीतियों और व्यवसाय विकास के अवसरों पर बहुमूल्य जानकारी साझा की।
उन्होंने कारीगरों और बुनकरों को प्रस्तावित योजनाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें पूर्ण संस्थागत सहायता का आश्वासन दिया। प्रतिभागियों से उपलब्ध योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों में पंजीकरण कराने का भी आग्रह किया गया। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने इस कार्यक्रम के आयोजन और कारीगर समुदाय के लिए उपलब्ध संसाधनों और अवसरों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग और एमएसएमई-डीएफओ के प्रयासों की सराहना की।