आतंकी हमले के बाद प्रशासन की ओर से लगाई गई थी पाबंदी
संवाद न्यूज एजेंसी
भद्रवाह। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत देते हुए जिला प्रशासन डोडा ने शनिवार से ऊंचाई वाले घास के मैदानों की यात्रा के लिए सभी प्रतिबंध हटाने के अलावा पर्यटकों के लिए भद्रवाह-पठानकोट और भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय सड़कों पर यातायात बहाल करने का निर्णय लिया।
समुद्र तल से 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित छत्रगलां पास में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त जांच चौकी पर आतंकवादी हमले के बाद ऊंचाई वाले सभी पिकनिक एवं पर्यटन स्थलों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। भद्रवाह-पठानकोट राजमार्ग पर रणनीतिक नाका वह सीमा है जो डोडा और कठुआ जिलों को चत्तरगल्ला में विभाजित करती है और सड़क का उच्चतम बिंदु है। सीईओ बीडीए बाल कृष्ण ने बताया कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही पर सभी प्रतिबंध हटा दिए गए हैं और पर्यटकों को अफवाह फैलाने वालों पर विश्वास नहीं करने की सलाह दी है क्योंकि हम सभी ऊंचाई वाले स्थानों पर सभी पर्यटकों की सुरक्षा का आश्वासन देते हैं। वहीं स्थानीय लोगों और आगंतुकों ने प्रतिबंध हटाने के लिए प्रशासन को धन्यवाद दिया और कहा कि वे दुश्मन के नापाक मंसूबों का शिकार नहीं होंगे जो भय पैदा करना चाहते हैं।उन्होंने कहा कि उन्हें सुरक्षा बलों पर पूरा भरोसा है और वे भद्रवाह में सुरक्षित महसूस करते हैं। स्थानीय लोग पर्यटकों से भद्रवाह आने की अपील करते हैं क्योंकि अब वह यहां 11 जून से पहले की तरह आनंद ले सकते हैं।
गौरतलब है कि 11 जून की रात 10.45 बजे आतंकवादियों ने सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त जांच चौकी पर हमला किया। जिसमें सेना के 5 जवानों और एसपीओ सहित 6 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। जिसके बाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया और साथ ही भद्रवाह पर यातायात भी निलंबित कर दिया गया। खासकर पठानकोट-भद्रवाह और चंबा-भद्रवाह सहित प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों गुलदंडा, छत्रगलां पास, ताडरी और जाई घाटी सहित उच्च ऊंचाई वाले घास के मैदानों में जाने के लिए जाई सड़कों पर प्रतिबंध लगाया गया था।