संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। लगातार जागरूकता और सतर्कता के बावजूद जिला में डेंगूू के ढंक से लोगों का पूरी तरह से बचाव नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते दो दिन में 5 नए मामले सामने आने के बाद जिला में इस साल के डेंगू के मामलों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है।
इस साल पहला मामला अप्रैल में सामने आया था और अगस्त के अंत तक इनकी संख्या 11 के आसपास थी लेकिन अब सितंबर माह बारिशों का सिलसिला थमने के बाद डेंगू का ढंक तेज हो चला है और 19 दिनों में अब तक 29 मामले सामने आ चुके हैं। जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता को भी बढ़ा दिया है। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक डेंगू का शिकार बने किसी भी रोगी को आपात स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा है और इनमें से 21 रोगी ठीक भी हो चुके हैं। शेष 28 स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में होम ट्रीटमेंट ले रहें हैं और एक जीएमसी उधमपुर में उपचाराधीन है।
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मेडिकल ब्लाॅक टिकरी सबसे अधिक प्रभावित
इस साल अब तक मिले डेंगू के मामलों में मेडिकल ब्लाक टिकरी सबसे आगे चल रहा है, जहां अभी तक सबसे ज्यादा 33 मामले रिपोर्ट हो चुके हैं। इसके बाद मेडिकल ब्लाॅक चिनैनी में 14 और मेडिकल ब्लाॅक रामनगर में 3 मामले पाएं गए हैं। अन्य ब्लाकों में फिलहाल राहत है। मेडिकल ब्लाॅक टिकरी में जिला मुख्यालय के आसपास के ग्रामीण इलाकों के साथ ही शहर का अधिकत्तर हिस्सा भी शामिल हैं। जिनमें आदर्श कालोनी, गैडां तालाब, संगूर, दंदयाल, सैलां तालाब इत्यादि के इलाके अधिक प्रभावित होते हैं।
डेंगू के लक्षण
डेंगू के लक्षणों में अकस्मात तेज सिर दर्द व बुखार होना, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना जो आंखों को घुमाने से बढ़ता है, जी मचलना एवं उल्टी होना, पेट में दर्द होना, गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना या त्वचा पर चकत्ते उभरना डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं।
डेंगू से बचाव
डेंगू बुखार एडीज एजिप्टाई रोग वाहक मच्छर के द्वारा फैलता है। यह मच्छर साफ पानी में पनपता है और आमतौर पर दिन के समय काटता है। इस मच्छर की विशेष पहचान होती है कि यह आम मच्छर से आकार में बडा और काला होता है और जमीन से करीब तीन फुट की ऊँचाई तक ही रहता है।
बचाव के लिए पानी की टंकी, कूलर, पक्षियों के पीने के पानी के बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन, टायर, आदि से जमा पानी निकाल दें। पानी से भरे बर्तनों एवं टंकियों को ढंक कर रखें। सप्ताह में एक बार कूलर को खाली कर सुखा दें। यह मच्छर दिन के समय काटता है, इसलिए पूरे बदन को ढंकने वाले कपड़े पहनें। लक्षण नजर आने पर जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें।
बचाव के लिए जागरूकता और जांच अभियान तेज
मलेरिया अधिकारी (सीएचओ) विजय कुमार के मुताबिक डेंगू, चिकनगुनिया आदि से बचाव को लेकर जागरूकता और जांच अभियान साल की शुरूआत में ही शुरू कर दिया गया था। लेकिन अप्रैल माह में पहला मामला मिलने के बाद इसमें और भी अधिक तेज किया गया। बीच में बारिशों का सिलसिला शुरू होेने से फागिंग और स्प्रे आदि का काम कुछ दिनों के लिए बाधित हुआ था लेकिन मौसम में सुधार के बाद फिर से अभियान तेज कर दिया गया है। लक्षणों के आधार पर अब तक 440 लोगों की जांच की चुकी है जिनमें से 50 लोग डेंगू पाजिटिव मिले है। टीमें पूरी सतर्कता के साथ विभिन्न इलाकों में पहुंचकर काम कर रहीं हैं। अधिक समस्या बारिश के बाद लोगों के घरों की छतों, गमलों और आसपास जमा पानी की वजह से आ रही हैं, इन्हें हटाने के लिए टीमें लगातार लोगों को जागरूक कर रहीं हैं। जहां भी कोई नया मामला मिल रहा हैं वहां 100 गज के दायरे में फागिंग और स्प्रे भी करवाया जा रहा है।
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रिपोर्ट-विजय कुमार