शहर में निकाली तीसरी वार्षिक रथ यात्रा, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। इस्काॅन मंदिर में रविवार को धूमधाम से भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा का महा महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्ति से सराबोर कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। इनमें भक्तों ने भजन-कीर्तन और झूमते हुए भाग लिया। दोपहर तीन बजे मंदिर परिसर से भव्य रथ यात्रा भी निकाली गई, जो धार रोड से होते हुए, वीनस चौक, सैलां तालाब, चबूतरा बाजार, मुख्य बाजार, लाल चौक, गोल मार्केट, मुखर्जी बाजार, कोर्ट रोड, सलाथिया चौक व दोमेल से होती हुई वापस इस्काॅन मंदिर में पहुंचकर संपन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की प्रतिमाओं को रंग बिरंगे सुंदर पुष्पों से सजाई गई पालकी में विराजमान किया गया था। इसके आगे श्रद्धालु रथ को रस्सों से खींचते हुए चल रहे थे। मध्य में श्रद्धालु रास्ते की सफाई करते हुए और नाचते गाते और भगवान जगन्नाथ का गुणगान करते हुए चल रहे थे। शहर में जगह-जगह शहरवासियों की तरफ से यात्रा का पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया और पालकी में विराजमान भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। जब तक यात्रा शहर की सड़कों पर रही पूरा क्षेत्र भगवान जगन्नाथ के जयकारों से गूंजता रहा है और वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय बना रहा।
इस्काॅन मंदिर के सदस्य संजय व्यास दास ने सभी को रथ यात्रा महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए जानकारी दी कि उधमपुर में यह लगातार तीसरी रथ यात्रा निकाली गई है। भगवान जगन्नाथ के धाम, उडीसा, पूरी में रथ यात्रा के आयोजन के बाद के एक सप्ताह में देशभर में रथ यात्राओं का आयोजन किया जाता है। इसी उपलक्ष्य में उधमपुर में यह रथ यात्रा निकाली गई है। उन्होंने बताया कि स्कन्द पुराण में ऐसा वर्णन है कि जो व्यक्ति भगवान नाम का कीर्तन करते हुए उनके रथ के साथ-साथ चलता है तथा भक्तिपूर्वक जय कृष्ण, जय कृष्ण कहता है वह पुनः गर्भ आवास का कष्ट नहीं सहता। वैदिक शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति भगवान जगन्नाथ के दिव्य रथ का दर्शन करता है तथा उसे खींचता है उसका पुनर्जन्म नहीं होता।