संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जिले के शहर व ग्रामीण इलाकों में मंगलवार को गुग्गा नवमी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। इस दौरान लोगों ने राजा मंडलीक, बाबा कालीवीर तथा बाबा सुरगल आदि देव स्थानों पर माथा टेका और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
जखैनी के राजा मंडलीक देव स्थान, कशीराह मंडी तथा शहर के मुख्य बाजार स्थित शेषनाथ और राजा मंडलीक के मंदिरों में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। दोपहर के समय भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने कहा कि जम्मू-कश्मीर नाग भूमि है। डुग्गर प्रदेश के घर-घर में नाग अवतार राजा मंडलीक और बाबा कालीवीर को कुल देवता के रूप में पूजा जाता है। गुग्गा नवमी को इनकी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन पहले राजा मंडलीक का जन्म हुआ था। इसके बाद दोपहर के समय उनके नीले घोड़े का जन्म हुआ था। फिर शाम के समय बाबा कालीवीर ने जन्म लिया था। हर साल इस दिवस को धूमधाम से मनाया जाता है। लोग घरों में भी इस दिन कुलदेवता के समक्ष ढोल बजाकर जाप करते हैं और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
गुग्गा नवमी पर सुबह पौ फटने के साथ श्रद्धालुओं का जखैनी मंडी, कशीराह मंडी व मेन बाजार स्थित राजा मंडलीक के मंदिर में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कशीराह मंडी में तो सुबह दस बजे तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग चुकी थीं। लोग परिवार सहित मंदिर में माथा टेकने पहुंचे थे। देर शाम तक यहां मेले जैसा माहौल बन गया था। मंदिर को भी विशेष तौर पर सजाया गया था। हवन के साथ ही मंदिरों में भंडारे का आयोजन हुआ। मंदिर पहुंचे कुंज लाल शर्मा, बबलू, राजिंद्र डोगरा ने बताया कि गुग्गा नवमी पर मंदिर में पूजा करना सौभाग्य की बात है।
उधर, राजा मंडलीक मंदिर में सुबह दस बजे विशेष पूजा का आयोजन किया गया। इस मंदिर में बाहरी राज्यों से भी कई श्रद्धालु पहुंचे थे। दोपहर करीब एक बजे भंडारे का आयोजन किया गया। जखैनी के राजा मंडलीक देव स्थान पर भी धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही भंडारे का आयोजन किया गया।
रिपोर्ट-विजय कुमार