संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। प्रधान सत्र न्यायाधीश की अदालत ने नशा तस्करी के आरोपी की जमानत याचिका को शर्तों के आधार पर आधार पर शनिवार को मंजूर कर लिया। आरोपी को 50,000 रुपये की जमानत और उतनी ही राशि का निजी मुचलका जमा करना होगा।
आरोपी का दावा था कि वह एक सम्मानित नागरिक है। उसे इस मामले में झूठे तरीके से फंसाया गया है। उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उसने अदालत को आश्वासन दिया कि वह जांच में सहयोग देगा और सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक नौ सितंबर को राहुल शर्मा को 10 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मामला दर्ज किया गया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया था कि हेरोइन की मात्रा नशीली दवाओं के व्यापार में संलिप्तता का संकेत देती है। एफएसएल रिपोर्ट लंबित है और जमानत देने से आवेदक फरार हो सकता है। गवाहों को धमका भी सकता है।
अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर होने के बावजूद यह मध्यम मात्रा की सीमा में आता है जो एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के सख्त प्रावधानों को आकर्षित नहीं करता है। अदालत ने यह भी माना कि आवेदक पहले से ही न्यायिक हिरासत में है। जांच जल्द समाप्त होने की संभावना नहीं है और जमानत देने से इंकार करना अपराध मान लिया जाएगा।
इसके अलावा, उसे अभियोजन पक्ष के गवाहों को धमकाने या उनसे संपर्क करने, बिना पूर्व अनुमति के प्रांत छोड़ने की मनाही है। इन शर्तों का कोई भी उल्लंघन करने पर जमानत रद्द की जा सकती है।
अंत में, न्यायालय ने मामले की परिस्थितियों, व्यक्तिगत स्वतंत्रता के कानूनी सिद्धांतों और जांच में सहयोग सुनिश्चित करने और साक्ष्यों या गवाहों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को रोकने के लिए शर्तें लगाने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए राहुल शर्मा को जमानत दे दी।