इस बार जिले में 50 फीसदी कम उत्पादन होने की संभावना
सत्या बाडी, कुलवंता, चौकी, मानतलाई, सुद्धमहादेव, लाटी व चिनैनी में होता है उत्पादन
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। प्रदेश सहित जिले में अप्रैल माह में मौसम से बिगड़े मिजाज का असर खेती और बागवानी पर भी पड़ा है। सब्जियों सहित फलों के पौधों को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे फल उत्पादक काफी प्रशासन हैं। उनका कहना है कि इस बार मौसम की मार के चलते 50 प्रतिशत ही उत्पादन होगा। इससे पौधों की लागत भी नहीं निकल पाएगी।
जिले के सत्या, बाडी, कुलवंता, चौकी, मानतलाई, सुद्धमहादेव, लाटी और चनैनी में फलों का उत्पादन होता है। इन क्षेत्रों में कश्मीरी आडू, नाशपत्ती, सेब, खुमानी, आलू बुखारा और देसी आडू की फसल होती है। लेकिन कुछ दिन पूर्व आए तूफान व ओलावृष्टि ने फलों के पेड़ों को काफी नुकसान पहुंचाया है। पेड़ों में इसी माह में फूल पड़ने शुरू हो जाते हैं, लेकिन ओलावृष्टि व तूफान से फूल जड़ गए हैं। इससे उत्पादकों को काफी नुकसान हुआ है। जो पेड़ बच गए है उनमें अब इस सीजन में दोबारा फूल खिलने के आसार कम हैं। इस बार जिला में 50 प्रतिशत फलों की पैदावार कम होगी और उत्पादकों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
इस माह के मौसम ने बहुत परेशान किया। खेतों में कश्मीरी आडू व नाशपत्ती के पौधे लगाए थे। लेकिन कुछ दिन पहले चली आंधी व ओलावृष्टि ने फूलों को झाड़ दिया है। कई पेड़ तूफान से टूट गए हैं। इससे काफी नुकसान हुआ है।
- अनिता देवी, फल उत्पादक
मौसम बार-बार रंग बदल रहा है, जो चिंताजनक है। पूरे साल की मेहनत बेकार होने की कगार पर है। सेब और खुमानी के पेड़ों पर निकले फूल झड़ चुके हैं। कई पेड़ों की टहनियां भी टूट कर गिर गई हैं। यही लग रहा है कि इस बार फलों के उत्पादन में 50 प्रतिशत की कमी आएगी।
-सत्या देवी, फल उत्पादक
बागवानी के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन इस बार बिगड़े मौसम का असर सेब, खुमानी, नाशपती और कश्मीरी आडू की फसल पर पड़ेगा। इसी माह में पेड़ों पर निकले फूल आंधी व ओलावृष्टि के चलते झड़ चके हैं। पेड़ों को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बार उत्पादन कम होने का अंदेशा है।
- अश्फाक, फल उत्पादक
बाग में नाशपती व खुमानी के पौधे लगाए हैं। सुबह शाम पेड़ों की काफी देखभाल करते हैं, ताकि पैदावार अच्छी हो सके। लेकिन मौसम ने मेहनत पर पानी फेर कर काफी नुकसान पहुंचाया है। ज्यादातर पेड़ों को ओलाावृष्टि व तूफान से काफी नुकसान पहुंचा है। अब मेहनत बेकार हो गई है। इस बार लागत भी नहीं निकल पाएगी। इससे सभी बागवान मायूस हैं।
- पूजा देवी, फल उत्पादक
विभाग की ओर से जिला के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर फलों के पेड़ों को पहुंचे नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। विभाग की ओर से टीमें रवाना कर दी गई हैं। फिलहाल, रामनगर के विभित्र क्षेत्रों में टीमों को भेजा गया है। जल्द ही अन्य क्षेत्राें में भेजकर नुकसान का आकलन किया जाएगा।
- ब्रिज वल्लब गुप्ता, जिला बागवानी अधिकारी, उधमपुर