चिनैनी सहित सुद्धमहादेव, मानतलाई और कौसर में किसानों को पहुंचा काफी नुकसान
विभाग और सरकार से लगाई मुआवजे की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। प्रदेश में अप्रैल माह में बार-बार बिगड़ रहे मौसम ने सब्जी उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है। चिनैनी, सुद्धमहादेव, मानतलाई और कौसर में बिगड़े मौसम के चलते सब्जियों को काफी नुकसान पहुंचा है। 10-12 दिन पहले चनैनी क्षेत्र में 4-5 घंटे तक लगातार हुई ओलावृष्टि से मटर की फसल बर्बाद हो गई होने के साथ ही गोभी की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि अगर इसी तरह मौसम करवट बदलता रहा तो टमाटर, सरसों, पत्तागोभी सहित अन्य सब्जियां खत्म हो जाएंगी।
किसान अशफाक हुसैन ने बताया कि इस बार मौसम ने काफी नुकसान पहुंचाया है। मटर की फसल तैयार हो चुकी थी और दो-तीन दिन में तोड़ना था। लेकिन उससे पहले हुई ओलावृष्टि से चार कनाल भूमि पर लगाई मटर की फसल खराब हो गई है। हालांकि, 2-3 कनाल जमीन पर गोभी लगाई है, जोकि कुछ दिनों में तैयार होने वाली। लेकिन, अब अगर ओलावृष्टि व बारिश हुई तो बहुत ही ज्यादा नुकसान होगा। न तो विभाग और न ही सरकार की ओर से नुकसान की भरपाई की जाती है। इससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस बार बिगड़े मौसम की काफी मार पड़ी है। 10-12 दिन पहले हुई ओलावृष्टि से मटर, गोभी, ज्यों और सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। मटर की फसल सड़ गई और गोभी सहित अन्य लगाई गई सब्जियों को भी काफी प्रभाव पड़ा है।
- शंकर चंद, किसान
भगवान से यही प्रार्थना है कि कुछ दिनों तक बारिश या ओलावृष्टि न हो। क्योंकि, कुछ दिन बाद लहसुन तैयार होने वाला है। अगर इस बीच बारिश या ओलावृष्टि हुई तो फसल में पानी लगने से सड़ जाएगी। छह कनाल में लगाई गई मटर की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है।
- दीप सिंह, किसान
इस माह में बार-बार बिगड़े मौसम के कारण सब्जियों को काफी नुकसान पहुंचा है। अब लहसुन की फसल तैयार है। अगर बारिश हुई तो काफी नुकसान होगा। मटर की फसल खराब होने से काफी नुकसान हुआ है। सरकार व विभाग से मांग है कि नुकसान का मुआवजा दिया।
- रोमेश चंद्र, किसान
सब्जियों की फसल का इंश्योरेंस नहीं होता है। इसलिए खराब मटर की फसल का मुआवजा विभाग की ओर से नहीं दिया जा सकता। विभाग की ओर से मक्का, गेहूं और धान की फसल का ही इंश्योरेंस होता है। सब्जी की फसल खराब हो तो सरकार की ओर से ही कुछ मुआवजा किसानों को दिया जाता है।
- संजय आनंद, मुख्य कृषि अधिकारी, उधमपुर