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Udhampur News: शहर में लगे कचरे के ढेरों से जल्द मिलेगी मुक्ति, लोगों की समस्याएं होंगी दूर

Tue, 09 Jul 2024 06:06 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
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मरम्मत के बाद छह माह से बंद पड़े मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी व किलवेस्ट प्रोजेक्ट का दो दिवसीय ट्रायल शुरू
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रोजाना शहर से निकलता है 30 से 35 टन कचरा
तवी को दूषित होने से बचाने में मिलेगी मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। सुई में छह माह से बंद पड़े मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) व किलवेस्ट की मरम्मत के बाद दो दिवसीय ट्रायल शुरू हो गया है। इससे जहां अब शहर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों से मुक्ति मिलेगी, वहीं दुर्गंध से परेशान लोगों की समस्या भी जल्द दूर होने वाली है। साथ ही अंबेयार में कचरे के चलते दूषित हो रही तवी नदी को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
जानकारी के अनुसार छह माह से बंद पड़े सुई में बने एमआरएफ व किलवेस्ट प्रोजेक्ट के कारण शहर के 21 वार्डों से निकलने वाले कई टन कचरे का निस्तारण नहीं होने से जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। इससे शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन, अब नगर परिषद के नवनियुक्त सीईओ के प्रयासों से बंद पड़े एमआरएफ व किलवेस्ट प्रोजेक्ट की मरम्मत करने के बाद उसका दो दिवसीय ट्रायल शुरू किया गया है। इसके पूरा होते ही शहर के कचरे का वहां पर निस्तारण किया जाएगा।
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गौरतलब रहे कि प्रतिदिन शहर से 30 से 35 टन कचरा निकलता है। शहर की आबादी करीब 80 हजार है। मौजूदा समय में नगर परिषद के सफाई कर्मचारी कचरे को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अंबेयार इलाके में फेंक रहे हैं, जो बारिश व अन्य कारणों से तवी नदी में जा कर पानी को पानी को दूषित करने के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। लेकिन, अब एमआरएफ व किलवेस्ट प्रोजेक्ट चालू होने से शहरवासियों को कचरे के ढेरों से मुक्ति मिलेगी।


अब कचरे का सुई में होगा निस्तारण
शहर के 21 वार्डों से डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले वाहन अब सीधा कचरा सुई में बने एमआरएफ व किलवेस्ट प्रोजेक्ट में ले जाएंगे। अब कचरे को अंबेयार क्षेत्र में फेंकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे तवी नदी भी स्वच्छ होगी और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी। कचरे को सुई तक पहुंचाने व उसका संचालन डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली कंपनी करेगी।

शहर में विभिन्न स्थानों पर बने हैं डंपिंग स्टेशन
मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी प्रोजेक्ट खराब होने के कारण छह माह से बंद था। इस कारण शहर के जगह-जगह डंपिंग स्टेशन बन गए हैं। इतना ही नहीं कचरे को फेंकने की जगह न होने के कारण चौक चौराहों पर बने डंपिंग स्टेशनों में कचरे के ढेर दिख रहे हैं। लेकिन, अब प्रोजेक्ट के ट्रायल के बाद कार्य शुरू होने पर कचरे के ढरों से मुक्ति मिलने की उम्मीद है।

गीले व सूखे कचरे अलग-अलग होगा निस्तारण
एमआरएफ व किलवेस्ट प्रोजेक्ट के चलते ही शहर से निकलने वाले कचरे का निस्तारण विभिन्न तरह से होगा। इसमें पहले कचरे को इकट्ठा कर रिसाइकिल होने वाले व जैविक कचरे को अलग किया जाएगा। रिसाइकिल होने वाले प्लास्टिक, कागज व गत्ता आदि को शेड व बेलिंग किया जाएगा। दूसरे कचरे को किलवेस्ट मशीन में नष्ट किया जाएगा।
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मरम्मत के बाद एमआरएफ व किलवेस्ट प्रोजेक्ट का दो दिवसीय ट्रायल शुरू किया गया है। स्थिति सही मिलने के बाद शहर से कचरे की समस्या दूर हो जाएगी। रोजाना शहर से 30 से 35 टन कचरा निकलता है। लेकिन, सुई में बने प्रोजेक्ट के बंद होने से यह समस्या उत्पन्न हुई थी। लेकिन, अब जल्द ही राहत मिलेगी और अंबेयार में भी कचरा नहीं फेंका जाएगा।
- विशाल सदोत्रा, सीईओ, नगर परिषद
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