- पांच लोगों का अब भी कोई सुराग नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। किश्तवाड़ के चिशोती आपदा का शिकार हुए उधमपुर के बडाली के रहने वाले परिवार के तीन सदस्य जीएमसी में उपचार के लिए भर्ती हैं जबकि उनके साथ गए चौथे सदस्य का पांच दिन बाद शव बरामद होने की सूचना है।
जानकारी के अनुसार बडाली निवासी शाम लाल पत्नी, बेटी और बेटी के साथ चंडी माता के दर्शन के लिए मचैल यात्रा गए हुए थे। यात्रा मार्ग पर चिशोती गांव में 14 अगस्त को बादल फटने से आई आपदा ने उन्हें भी चपेट में ले लिया था। राहत कार्य के दौरान शाम लाल, उनकी पत्नी और बेटी को घायल अवस्था में मलबे से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए जीएमसी जम्मू में भर्ती कराया गया है।
होश आने पर शाम लाल ने अपने बेटे अनमोल के लापता होने की पुष्टि की थी और अस्पताल में उसकी सलामती की दुआ मांगी थी लेकिन शायद कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। मंगलवार को अनमोल के भी आपदा में मारे जाने की पुष्टि तब हुई जब मलबे से उसका शव बरामद किया गया। शव अब तक चिशोती में ही है और परिवार का उपचार चल रहा है।
बुधवार को अन्य रिश्तेदार औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को उधमपुर ला सकते हैं। चिशोती आपदा में शिकार उधमपुर के मृतकों की संख्या 12 पहुंच गई है जबकि जखैनी की रहने वाली मां-बेटी तारो देवी और रुबी देवी अभी भी लापता हैं। रामनगर के मारे गए दंपती उत्तम सिंह और उनकी पत्नी मखनो देवी की बेटी अंजलि देवी का भी कुछ पता नहीं चल पाया है। इनके अलावा नवविवाहित चंघ कोठी निवासी राकेश कुमार और उनकी पत्नी अंजना देवी की तलाश भी की जा रही है।