- लगभग छह लोगों का अब भी सुराग नहीं मिला
- पहचान पत्र से पहचाने गए मृतक पुलखो देवी और रमेश चंद्र के परिजन से संपर्क करने की कोशिश जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। किश्तवाड़ के चिशोती आपदा में शिकार उधमपुर के मारे गए लाेगों की संख्या 11 पहुंच गई है जबकि कुछ लापता लोगों का सुराग अभी भी नहीं लग पाया है।
बताया जा रहा है कि रविवार को चिशोती में राहत कार्य के दौरान रेस्क्यू टीम को तीन और शव बरामद हुए थे। पहचान पत्र के आधार पर इनकी शिनाख्त की गई लेकिन मृतकों के परिवार के किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पाया। इनकी पहचान पूर्व सैनिक रमेश चंद्र निवासी उधमपुर, पुलखो देवी निवासी उधमपुर और रमेश चंद्र पुत्र अमर चंद निवासी उधमपुर के रूप में की गई है।
हालांकि पूर्व सैनिक रमेश चंद्र के परिवार से संपर्क कर लिया गया जिससे पता चला है कि वो उधमपुर जिले के रामनगर स्थित दंदयाल के रहने वाले थे जबकि अन्य दो मृतकों के परिजन के साथ अब तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि माता चंडी मचैल यात्रा के दौरान 14 अगस्त को किश्तवाड़ के चिशोती में बादल फटने से कई लोग मारे गए और कई लापता हो गए। इनमें से रविवार सुबह तक उधमपुर जिले के आठ लोगों के शव बरामद हुए थे। इनको परिवार के हवाले कर अंतिम संस्कार कर दिया गया। रविवार को ही आपदा स्थल पर तीन और शव मिलने से मृतकों का आंकड़ा 11 पहुंच गया है।
जखैनी की रहने वाली मां बेटी तारो देवी और रुबी देवी अभी भी लापता हैं। रामनगर के मारे गए दंपती उत्तम सिंह और उनकी पत्नी मखनो देवी की बेटी अंजलि देवी का कोई सुराग नहीं लगा है। इनके अलावा चंघ कोठी निवासी राकेश कुमार और उनकी पत्नी अंजना देवी के अलावा अनमोल शर्मा पुत्र शाम लाल निवासी बडाली की तलाश भी की जा रही है।