फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udhampur News: गर्ल्स हाई स्कूल चिनैनी का दर्जा तो बढ़ा, सुविधाएं नहीं

Thu, 02 May 2024 01:38 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
50 साल पहले वार्ड सात में स्थापित किया गया था स्कूल, 400 सौ छात्राएं करतीं हैं पढ़ाई
विज्ञापन

अभी भी टीन की छत वाले कमरों में चल रही कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। कस्बे के वार्ड सात में करीब 50 साल पहले गर्ल्स हाई स्कूल स्कूल स्थापित किया गया था। आज भी स्कूल पुराने टीन के कमरों में चल रहा है। वहीं, दर्जा भी नहीं बढ़ पाया है। 10वीं की पढ़ाई के बाद छात्राएं निकटवर्ती बॉयज स्कूल में पढ़ने को मजबूर हैं। स्कूल में करीब पंद्रह कमरे हैं, जिसमें से कुछ में ऑफिस और प्रयोगशालाएं हैं। स्कूल में 400 के करीब छात्राएं शिक्षा ग्रहण करती हैं। कमरों की कमी के कारण छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी अनवर हुसैन, कुलदीप कुमार और रमेश चंद्र ने बताया कि हाई स्कूल चिनैनी को 1974-75 में स्थापित किया गया था। लेकिन, करीब 50 साल बाद भी स्कूल के टीन के कमरों में अभी बदलाव नहीं हुआ है। बारिश में टीन छत टपकती है और मजबूरन छात्राओं को छट्टी कर दी जाती है। स्कूल में करीब चार सौ बच्चियां शिक्षा हासिल कर रही हैं। 9वीं और 10वीं के दो-दो सेक्शन हैं। सभी कमरे पुराने समय के है, जहां बच्चे ज्यादा संख्या में नहीं बैठ सकते हैं। उन्होनें कहा कि स्कूल में नए कमरों का निर्माण होने के साथ ही अपग्रेड भी किया जाना चाहिए। सरकार से मांग है कि जल्द गर्ल्स हाई स्कूल चिनैनी की सुध ली जाए।
विज्ञापन



स्कूल में शिक्षकों की भी है कमी
चिनैनी गर्ल्स हाई स्कूल में मास्टर ग्रेड के छह और टीचर ग्रेड के 11 पद सेक्शन है लेकिन मास्टर ग्रेड में दो पद रिक्त हैं। टीचर ग्रेड के 11 पदों में सेे छह ही तैनात हैं, जबकि चार को दूसरी जगह लगाया गया है। लोगों ने स्कूल में शिक्षकों की कमी भी दूर करने की मांग उठाई है।
विज्ञापन


10वीं के बाद बॉयज स्कूल में पढ़ने को मजबूर बेटियां
10 पास करने के बाद छात्राएं बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल चिनैनी में पढ़ने के लिए मजबूर हैं। इस कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने कहा कि गर्ल्स हाई स्कूल चिनैनी का दर्जा बढ़ा कर हायर सेकेंडरी करने की मांग उठाई है।


क्या कहते है अधिकारी ।
स्कूल में जो भी कमियां है उसको लेकर स्कूल प्रशासन से बात कर उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा।
- डाॅ. कल्पना जसरोटिया, डिप्टी सीईओ, उधमपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें