प्रदेश श्रम आयुक्त ने जारी किया आदेश, बंद का सख्ती से पालन करने की अपील
जिला श्रम आयुक्तों को हर माह की तीन तारीख से पहले कार्रवाई की रिपोर्ट देने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। अब दुकानदारों को नागे वाले दिन दुकान खोलना महंगा पड़ सकता है। इसको लेकर प्रदेश श्रम आयुक्त ने सख्ती दिखाई है और सभी दुकानदारों से नागे वाले दिन दुकानों को बंद रखने के आदेश का सख्ती से पालन करने का आह्वान किया है।
जारी आदेश में सभी जिलों के सहायक श्रम आयुक्तों को भी निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित जिलों में दुकानों या वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों द्वारा बंद दिवस के अनुपालन की निगरानी के लिए आवश्यक कदम उठाए। साथ ही हर माह की 3 तारीख तक या उससे पहले श्रम आयुक्त कार्यालय में कार्रवाई की रिपोर्ट दें।
बताया गया है कि यह निर्देश श्रमिकों के कल्याण के हित में तथा जम्मू-कश्मीर दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम, 1966 के तहत वैधानिक आवश्यकताओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम, 1966 की धारा-13 के अनुसार, पंजीकृत जम्मू-कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र की प्रत्येक दुकान या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान सप्ताह के एक दिन अनिवार्य बंद दिवस के तहत पूरी तरह से बंद रहेंगी।
लेकिन, विभाग के संज्ञान में आया है कि अधिकांश दुकानें या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान मालिक अपनी दुकानें या प्रतिष्ठान बंद नहीं करते हैं। इससे जम्मू-कश्मीर दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम, 1966 के प्रावधानों का उल्लंघन होता है।
अधिनियम की धारा-13 में यह भी प्रावधान है कि किसी नियोक्ता के लिए किसी कर्मचारी को अपनी दुकान या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान या किसी अन्य स्थान पर अपनी दुकान या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान के व्यवसाय से संबंधित किसी भी कार्य के लिए उस दिन बुलाना वैध नहीं होगा। जिस दिन ऐसी दुकान या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहती है और कोई भी नियोक्ता बंद दिवस के कारण दुकान या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान में किसी भी कर्मचारी के वेतन में से कोई कटौती नहीं करेगा।
सप्ताह में एक दिन छुटटी जरूरी है, लेकिन अगर कोई इस बंद दिवस का पालन नहीं करता है और अपने कर्मचारियों की छुट्टी को भी रद्द् कर उसे काम पर बुलाता है तो यह गलत है। छुट्टी का अधिकार सभी को है।
-जितेंद्र बरमानी, अध्यक्ष, व्यापार मंडल उधमपुर