केंद्रीय मंत्री ने जिला प्रशासन के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की
कहा, सरकार जन-भागीदारी और संकल्प की भावना से कर रही काम
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों को सार्वजनिक सुविधाओं की समय पर और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए। यह बातें रविवार को उधमपुर के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विकास कार्यों की समीक्षा पर आयोजित एक बैठक में कहीं।
उन्होंने पानी की कमी, बिजली कटौती, खस्ताहाल सड़कें और अनधिकृत पार्किंग जैसे ज्वलंत मुद्दों के तत्काल समाधान के निर्देश दिए। जिला प्रशासन से जनता के मुद्दों के समाधान के लिए हर संभव कदम उठाने का आह्वान करते हुए उन्होंने दोहराया कि सरकार जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और इसके सभी कदम समाज के सभी वर्गों के लिए जीवन को आसान बनाने पर केंद्रित हैं। केंद्रीय मंत्री ने पुष्टि की कि राष्ट्र प्रथम के मंत्र के साथ मोदी सरकार का शासन मॉडल जन-भागीदारी और संकल्प से सिद्ध की भावना से प्रेरित है। केंद्रीय मंत्री ने डीडीसी से जनता की शिकायतों और मांगों के निवारण में अपनी भूमिका निभाने का भी आग्रह किया। उन्होंने निर्देश दिया कि पार्षदों को आज की बैठक में उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।
जिले के कई क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों द्वारा बार-बार बिजली कटौती की शिकायत पर डॉ. जितेन्द्र सिंह ने निर्देश दिया कि बिजली विभाग के संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करें और समस्या का तत्काल समाधान करें। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भीषण गर्मी में बिजली कटौती के कारण लोगों को कम असुविधा हो। इसी तरह, मंत्री ने कनेक्टिविटी में सुधार और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर सड़कों की मरम्मत और अन्य सड़कों का मैकडैमाइजेशन करने का आह्वान किया। नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए सभी अधिकारी पंचायती राज संस्थाओं सहित हितधारकों के साथ मिलकर काम करें।
उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय लोगों के संपर्क में रहने, प्रभावित क्षेत्रों का नियमित दौरा करने और दूरदराज के गांवों में जागरूकता शिविर आयोजित करने का भी निर्देश दिया, ताकि लोगों को स्वच्छता, आवास और शिक्षा से संबंधित योजनाओं के लाभों के बारे में जानकारी मिल सके।
समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने जिले में लैवेंडर की खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि इस नए उद्योग में लगे स्टार्ट-अप स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के साधन बन गए हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार के लिए सभी को नौकरी देना संभव नहीं है। इसलिए युवाओं को जीविकोपार्जन के लिए रोजगार के अन्य आकर्षक रास्ते तलाशने चाहिए, मंत्री ने सलाह दी। बैठक में डीसी सलोनी राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।