घाटी जाने के लिए तैयार ट्रक चालकों को ट्रैफिक पुलिस और पुलिस के जवानों ने पीट दिया। कुछ गाड़ियों के साइड वाले शीशे तोड़ने का भी आरोप है। इसके विरोध में ड्राइवरों ने पुलिस के खिलाफ जखैनी चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
प्रदर्शनकारी ड्राइवरों के अनुसार पुलिस ने ट्रकों से बाहर निकाल कर करीब एक दर्जन ड्राइवरों को पीटा है और उन्हें चोटें आई हैं। पुलिस की टीम ने ताबड़तोड़ उनके ट्रकों के शीशे भी तोड़ दिए। कई ड्राइवरों ने सुबह नए शीशे लगाए।
ड्राइवर मो. मूसा, शादी लाल, इमरान, सुरजीत कुमार, जगजीत कुमार के अनुसार सुबह तड़के जम्मू से घाटी के लिए गाड़ियां रवाना की गई। छह दिनों से वे हाईवे और बाईपास पर ही खड़े हैं। उनकी गाड़ियों में सेना के लिए सामान भरा हुआ है।
ट्रैफिक पुलिस वालों ने इन ट्रकों को रोक दिया और केवल छोटी गाड़ियां ही रवाना की। उनका आरोप है कि बीच में कुछ ट्रकों को भी दो-दो सौ रुपये लेकर छोड़ा गया। उन्होंने जब रुपये देने से इनकार किया तो उन पर लाठियां बरसाई गई।
ड्राइवर बाईपास से सैलां तालाब की तरफ भागे और अपनी जान बचाई। कई ड्राइवरों ने इस दौरान अपनी चोटें भी दिखाईं। उनके अनुसार अक्सर ड्राइवरों को पीटा जाता है, जबकि उनके ट्रक सड़क के एक किनारे लगे होते हैं।
कोई भी सड़क के बीच नहीं था। सुबह तड़के साढ़े आठ बजे हुई इस घटना के बाद वह किसी तरह जखैनी चौक पर पहुंचे। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ नारे लगाए।
सुबह ट्रक चालकों ने बाईपास पर स्थित डीपीएस स्कूल के नजदीक अपने ट्रक खड़े कर दिए थे। सीबीएसई की दसवीं कक्षा की परीक्षाएं चल रही हैं। वीरवार को भी बच्चों की परीक्षा थी। स्कूल की बसों को आना था।
इन ट्रक चालकों को कहा गया कि वे ट्रक हटा लें, लेकिन ट्रक हटे नहीं। बच्चे परीक्षा केंद्र में समय पर पहुंच सकें, इसलिए कार्रवाई की। जोर जबरदस्ती से ट्रकों को हटाया गया। किसी ड्राइवर को पीटा नहीं गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस और सीआरपीएफ के जवान भी साथ थे।
-तिलक राज, डीएसपी ट्रैफिक
ट्रकों को स्कूल के आगे से हटाने की कार्रवाई हुई है। मौके पर पहुंचकर उन्होंने पूरी स्थिति का जायजा लिया है। चालकों से भी बातचीत की गई है। फिलहाल इस पूरे मामले में जांच की जा रही है।
-गौरव महाजन, डीएसपी