उधमपुर। शहर में लावारिस मवेशियों की बढ़ती संख्या शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। हर हिस्से में लावारिस मवेशियों को घूमता देखा जा सकता है। कई बार इनके हमला करने पर लोग घायल हो जाते हैं। साथ ही इनसे यातायात भी प्रभावित है।
शहर में सुबह से शाम तक लावारिस मवेशी घूमते रहते हैं। सुबह इनके मालिक इनको खुला छोड़ देते हैं। फिर ये मवेशी शाम तक शहर की सड़कों पर घूमते हुए कचरा खाते हैं और वाहनों के लिए मार्ग अवरोधक बनते हैं। इनके कारण धार रोड, पुराना राजमार्ग, कोर्ट रोड, अस्पताल रोड, सैला तालाब व अन्य कई स्थानों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित होता है। कई बार इनके कारण घंटों जाम लग जाता है।
ये मवेशी कई बार शहरवासियों पर हमला कर उन्हें घायल करते हैं। इसको लेकर शहरवासियों ने कई बार नगर परिषद से शिकायत की है। नप ने शहरवासियों को जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शहरवासियों का कहना है कि गायों और सांड के बाद आजकल घोड़ों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। घोड़े लगातार हमला कर लोगों को घायल कर रहे हैं।
-----
जिला अस्पताल के बाहर रहता है घोड़ों का झुंड
लावारिस मवेशियों की संख्या जिला अस्पताल में भी बढ़ती जा रही है। घोड़ों का एक झुंड अक्सर अस्पताल के बाहर घूमता नजर आता है। इनके कारण मरीज और तीमारदार हर रोज परेशान हो रहे हैं। अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि समझ नहीं आता है कि ये मवेशी कहां से आते हैं, और फिर शाम को कहां चले जाते हैं।
-----
कैटल पांड बनने के बाद ही लावारिस मवेशियों पर कार्रवाई शुरू हो सकेगी। मौजूदा समय में कैटल पांड का काम तेजी से चल रहा है। घोड़ों की बढ़ती संख्या सभी के लिए चिंता की बात है। गाय व सांड के पंजीकरण की व्यवस्था है, लेकिन अभी तक घोड़ों के पंजीकरण की व्यवस्था नहीं है। जल्द इसको भी शुरू करवाया जाएगा।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष, उधमपुर