उधमपुर। शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की राह में नगर परिषद के सामने एक और चुनौती आ गई है। कुछ दिनों से नप गंदगी को शहर से करीब 22 किमी दूर मांड (प.) इलाके में फेंक रहा था। लेकिन, अब स्थानीय लोगों ने वहां भी विरोध करना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को गंदगी फेंकने गए नप के वाहनों को मांड निवासियों ने रोक दिया, और मार्ग के बीच गड्ढा खोदकर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी। करीब 40 करोड़ की कूड़ा निस्तारण परियोजना के लिए नप को सरकार ने मांड (प.) में करीब छह वर्ष पहले जमीन दी थी। यह जमीन सोशल फोरेस्ट विभाग की थी, लेकिन इसको कूड़ा निस्तारण परियोजना के लिए नप को उपलब्ध करवाया गया।
वर्ष 2021 में इस स्थान पर पहुंचने के लिए करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर सड़क बनाई गई। इसके आसपास कोई आबादी भी नहीं है। करीब सप्ताह से नप इसी स्थान पर शहर की गंदगी फेंक रही है। लेकिन, अब कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह जब नप के वाहन गंदगी लेकर मांड पहुंचे तो कुछ लोगों ने सभी वाहनों को रोक दिया।
घंटों तक वाहनों को वहीं रोक कर रखा गया। इसके बाद इन लोगों ने जेसीबी मंगवाई और बीच सड़क में बड़ा सा गड्ढा खोदकर वाहनों की आवाजाही बंद दी। नप के कर्मचारियों ने इसके बारे में नप सीईओ और चेयरमैन को सूचना दी और वाहनों को लेकर लौट आए। इस स्थान पर कूड़ा फेंकने से नगर की सफाई व्यवस्था धीरे-धीरे ठीक हो चली थी, लेकिन अब फिर से सुई इलाके जैसी चुनौती नप के सामने है।
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मांड वेस्ट की जमीन के आसपास कोई आबादी भी नहीं है। फिर भी नप को काम नहीं करने दिया जा रहा। लोगों के विरोध के बारे में एसीआर को सूचना दे दी है। साथ ही सीईओ को डीसी से मुलाकात कर जानकारी देने को कहा है। अगर इसी तरह विरोध हो रहा तो नप गंदगी को बाहर कभी नहीं फेंक पाएगी। एसीआर ने जल्द स्थान उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष, उधमपुर