-देशभर से कटड़ा आने वाले श्रद्धालुओं में डर का माहौल
-कटड़ा और आसपास के होटलों में बुकिंग रद्द होने का सिलसिला जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। मां वैष्णो देवी की यात्रा पर पहलगाम आतंकी हमले का गहरा असर दिख रहा है। हालांकि, मां वैष्णो देवी की यात्रा और जम्मू संभाग में आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित रूप से दर्शन कर सकते हैं, क्योंकि पहलगाम जम्मू से लगभग तीन सौ किलोमीटर दूर है। फिर भी, इस घटना के बाद देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं में डर का माहौल बन गया है।
हमले के बाद से माताा वैष्णो देवी की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार घट रही है। जो यात्री पहले से यात्रा पर निकले थे, वे तो मंदिर पहुंच रहे हैं, लेकिन नए श्रद्धालु यात्रा टाल रहे हैं। कटड़ा और आसपास के होटलों में बुकिंग रद्द होने का सिलसिला जारी है, जिससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है।
हरियाणा से आए श्रद्धालु रोहित कुमार, सोहन कुमार, विकास और रमेश सिंह ने बताया, हम मां के दर्शन के लिए आए थे, लेकिन घरवाले लगातार फोन करके वापस बुला रहे हैं। हम दर्शन करके तुरंत लौट जाएंगे। जम्मू सुरक्षित है, लेकिन पहलगाम हमले के बाद लोगों में डर पैदा हो गया है। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन श्रद्धालुओं के चेहरे पर खौफ साफ झलक रहा है। कई परिवारों ने बताया कि उनके बच्चे डर गए हैं, जबकि होटलों और दुकानों में एक अजीब-सी खामोशी छाई हुई है।
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सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा, चलाईं विशेष ट्रेनें
भारत सरकार ने हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एयरलाइंस को अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि पर्यटक सुरक्षित घर लौट सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की निंदा करते हुए दोषियों को सजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें चलाई हैं, जिनसे पहले से आए हुए यात्री जल्दी-से-जल्दी घर लौट सकें। शुक्रवार शाम तक मात्र 14,500 श्रद्धालु ही मां के दरबार के लिए रवाना हुए, जबकि पिछले दिनों में यह संख्या 25,000 तक पहुंच रही थी। आने वाले दिनों में इसमें और गिरावट की आशंका है।
स्थानीय व्यवसाय पर मार
कटड़ा के होटल, टैक्सी सेवाएं, गाइड और अन्य पर्यटन-संबंधित व्यवसाय इस हमले के बाद आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। एक स्थानीय टैक्सी यूनियन के प्रबंधक ने बताया कि उनके सभी वाहन खाली पड़े हैं, क्योंकि पर्यटक जम्मू-कश्मीर छोड़कर जा रहे हैं।