हादसे के बाद रामबन से 15 मिनट में पहुंच गई रेस्क्यू टीमें
संवाद न्यूज एजेंसी
रामबन/उधमपुर। रामबन टवेरा हादसे में सेना, पुलिस एवं क्यूआरटी सदस्योें के संयुक्त राहत अभियान ने 300 फुट गहरी खाई की चुनौती को नजरअंदाज करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद मृतकों के शव निकाले।
हादसा इतना भयानक था कि उसमें किसी की जान बच पाने की उम्मीद एक प्रतिशत भी नहीं थी। मगर बारिश में जान जोखिम में डालकर राहत कर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई कसर नहीं छोड़ी। खासकर हादसे का चश्मदीद अगर पुलिस को सूचित नहीं करता तो शायद बारिश के कारण दूसरे दिन भी किसी को हादसे की भनक नहीं लग पाती।
ट्रक चालक की आंखों के सामने हुआ हादसा : रामबन के बेटरी चश्मा में हुए दर्दनाक टवेरा हादसे को अगर ट्रक चालक आंखों के सामने होता हुआ न देखता तो शायद कई दिनों तक किसी को घटना की जानकारी नहीं मिल पाती। टवेरा के पीछे चल रहे ट्रक चालक ने रात एक बजे जब टवेरा को सुनसान रोड पर बिस्लेरी से जुड़ी 300 फुट गहरी खाई में गिरते देखा तो उसी समय पुलिस को सूचित कर दिया। इसके चलते रामबन से 15 मिनट के भीतर रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं थीं।
खाई में उतरने के लिए नहीं था कोई रास्ता: वीरवार मध्यरात्रि भारी बारिश के बावजूद रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। मगर खाई में उतरने के लिए कोई भी रास्ता न होने पर घने अंधेरे के साथ भारी बारिश और 300 फीट गहरी खाई में वाहन के साथ-साथ उसमें सवार यात्रियों एवं चालक की तलाश करना बड़ी चुनौती से कम नहीं था। मगर उसके बावजूद राहत कर्मी मौके पर डटे रहे। सुबह लगभग 6 बजे जैसे ही हल्का उजाला होने लगा तब तक सेना के जवान, पुलिस के जवान, रामबन-बनिहाल एवं रामसु से क्यूआरटी टीमों के सदस्य घटनास्थल पर जमा हो गए थे। बारिश के बावजूद रस्सियों के सहारे राहत कर्मी एक-एक कर खाई से नीचे उतरे और वाहन सहित यात्रियों की तलाश शुरू कर दी गई।
वाहन के उड़ चुके थे परखचे, टुकड़ों में किया जमा:हादसा इतना भयानक था इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है। टवेरा के परखचे उड़ चुके थे। ऐसे में 300 फुट गहरी खाई में गिरी गाड़ी में मौजूद यात्रियों के शरीर की क्या हालत हुई होगी। काफी मशक्कत के बाद शवों को दयनीय हालत में बरामद किया गया। शव को खाई से राजमार्ग तक पहुंचाने राहत कर्मियों को कई घंटों की मशक्कत के बाद सफलता मिल पाई। इसमें स्थानीय समाज सेवकों एवं नागरिकों ने भी सहयोग दिया।
गहरी खाई और बिस्लेरी नाले के तटबंधों पर वाहनों में बैठे लोगों का पता लगाने के लिए शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे संयुक्त रूप से बचाव कार्य शुरू हो पाया। सैकड़ों फुट गहरी खाई से बिखरे शवों का पता लगाने और उन्हें निकालने में बचाव दल को 12 घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बिस्लेरी नाले से गाड़ी बरामद कर ली गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सर्च अभियान जारी रखा गया है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वाहन में कोई ओर तो सवार नहीं था।
- अनुज कुमार, एसएसपी रामबन